भीम आर्मी के कार्यकर्ता की हत्या के बाद परिजनों में तनाव, पोस्टमार्टम से किया इंकार।

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महाराणा प्रताप जयंती पर की गयी कड़ी सुरक्षा के बीच बुधवार को रामनगर में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया के छोटे भाई सचिन वालिया की संदिग्ध परिस्थियों में गोली लगने से मौत हो गई। परिजनों ने जयंती में शामिल राजपूत समाज के चार युवकों पर हत्या का आरोप लगाते हुए वहां जमकर हंगामा किया।
भीम आर्मी समर्थकों ने देर रात तक पोस्टमार्टम नहीं होने दिया। वे नामजद चारों आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। जिससे मौके पर पहुंचे डीएम, एसपी और कांग्रेस विधायक नरेश सैनी को प्रदर्शनकारियों का विरोध झेलना पड़ा। जिला अस्पताल के मोर्चरी में शव रखने को लेकर पुलिस और परिजनों के बीच कई बार धक्का-मुक्की हुई।
इनका कहना ये था कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही पोस्टमार्टम होने दिया जाएगा। एसपी बबलू कुमार ने बताया कि सचिन की मां कांति वालिया की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

जिला अस्पताल में एसपी से उलझते भीम आर्मी के कार्यकर्ता

आसपास के जिलों में फोर्स मंगाई गई है। घटना के बाद तनाव को देखते हुए जिले में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई। इसके अलावा महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम को भी प्रशासन ने स्थगित करा दिया गया। स्कूलों में समय से पहले छुट्टी करा दी गई। वहीं पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।

यहां पर सचिन के शव कब्जे में लेने को लेकर पुलिस और समर्थकों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई।और एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह कई थानों की फोर्स के साथ अस्पताल पहुंच गए।इसी बीच डीएम पीके पांडेय और एसएसपी बबलू कुमार ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार को कार्रवाई का भरोसा दिया।

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हत्या के बाद विलाप करते परिजन

मगर भीम आर्मी के समर्थकों ने दोनों अधिकारियों पर आरोपों की झड़ी लगा दी। काफी देर तक पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी होती रही। इसी बीच पुलिस ने फिर से शव को मोर्चरी में रखने का प्रयास किया तो भीम आर्मी समर्थक आक्रोशित हो गए। उनके बीच फिर धक्का-मुक्की हो गई। पुलिस ने शव को किसी प्रकार मोर्चरी में रखवाया। देर शाम तक जिला अस्पताल में हंगामा होता रहा।

पुलिस वीडियो के सहारे घटना पर उठा रही सवाल 

मंडलायुक्त चंद्र प्रकाश त्रिपाठी और पुलिस उप महानिरीक्षक शरद सचान ने बताया कि पूरे रामनगर क्षेत्र में कड़े सुरक्षा प्रबंध थे। अब तक की जांच में किसी अन्य द्वारा गोली मारने के साक्ष्य नहीं मिले। जिलाधिकारी पीके पांडेय और एसएसपी बबलू कुमार की मौजूदगी में फोरेंसिक टीम ने मौके पर सड़क से खून धोने के साक्ष्य भी जुटाए हैं। पता चला कि सचिन को घर के पास संदिग्ध हालात में गोली लगी है।आला अफसरों ने एक वीडियो भी मीडिया को जारी किया है।