एंबुलेंस कर्मचारियों की तीसरे दिन भी जारी रही हड़ताल।

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मेरठ छह सूत्रीय मांगों को लेकर सरकारी एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही, जिससे मरीज परेशान रहे। वहीं शासन के निर्देशों पर प्रशासन द्वारा एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष पर एफआईआर भी दर्ज करवा दी गई। जिलाध्यक्ष के साथ ही 40 कर्मचारियों पर मुकदमा पंजीकृत कराया गया है जिसके बाद एंबुलेंस कर्मियों ने देर रात धरना स्थल बदल लिया। एंबुलेंस कर्मचारी सुभाष ने बताया कि पहले मेडिकल कॉलेज में धरना दिया जा रहा था लेकिन इसे बदलकर सिवाया टोल प्लाजा कर दिया गया है लेकिन पुलिस प्रशासन के द्वारा वहा से भी उन्हें भगा दिया गया जिसके बाद सभी एंबुलेंस कर्मचारी मेरठ के कमिश्नरी पार्क में पहुंचे और यहां पर धरना दिया सभी एंबुलेंस कर्मचारी ठेका प्रथा का विरोध करते दिखाई दिए तो उनका कहना था कि सभी एंबुलेंस की चाबी जिलाधिकारी को सौंपकर वह आज रात लखनऊ के लिए रवाना होंगे।

अपनी समस्याओं व मांगों को लेकर एंबुलेंस सेवा 102 व 108 का संचालन कर रहे कर्मचारियों ने हड़ताल की हुई है। जबकि प्रदेश में एस्मा लागू होने के कारण हड़ताल असंवैधानिक हैं। ऐसे में कमिश्नर ने मंडल के सभी डीएम को पत्र भेजकर कार्रवाई के लिए कहा है। उधर, मेडिकल कालेज प्रशासन द्वारा परिसर में धरना देने से रोक लगाने के बाद अब सिवाया टोल प्लाजा पर एंबुलेंस कर्मियों ने धरना शुरू किया गया है। लेकिन यहां से भी प्रशासन द्वारा इनको भगा दिया गया जिसके बाद आज सभी एंबुलेंस कर्मचारी मेरठ के कमिश्नरी पार्क में पहुंचे जहां पर ठेका प्रथा का विरोध करते हुए उन्होंने धरना प्रदर्शन किया एंबुलेंस कर्मचारियों का कहना था कि उनके साथियों को नौकरी से निकाला जा रहा है जिस पर रोक लगनी चाहिए तो वही कमिश्नर की तरफ से एफ आई आर के आदेश दिए गए जिसके बाद एंबुलेंस एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सहित 40 लोगों पर मुकदमा पंजीकृत कराया गया। कमिश्नरी पार्क में बैठे एंबुलेंस कर्मचारियों के द्वारा निर्णय लिया गया कि सभी एंबुलेंसओं की चाबी जिलाधिकारी को सौंपकर वह लखनऊ के लिए रवाना होंगे जहां पर प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया जाएगा जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी तब तक यह धरना जारी रहेगा।

एंबुलेंस कर्मचारी से मरीजों को हो रही परेशानी के बारे में पूछा गया तो उनका साफ तौर पर कहना था कि 14 एंबुलेंस को मरीजों की सेवा में लगाया गया है किसी भी सूरत में किसी भी मरीज को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी कोरोना काल में जनता की सेवा करने वाले एंबुलेंस कर्मचारियों को कोरोना योद्धा की संज्ञा भी दी गई थी लेकिन अब एंबुलेंस कर्मचारी हड़ताल पर है जिस कारण अब मरीजों को आने वाले समय में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है अब बड़ा सवाल यह उठता है एंबुलेंस कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद शासन और प्रशासन कितनी जल्दी उनकी मांगों को मानता है।

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