छत्तीसगढ़

जंगल सफारी से मैत्री बाग पहुंचे 4 नए मेहमान:बार्किंग डियर और साही के साथ लाया जाएगा व्हाइट टाइगर; यहां से भी भेजे जाएंगे वन्यप्राणी

सेल की इकाई भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन द्वारा संचालित चिड़ियाघर मैत्री बाग में एक बार फिर से नए मेहमान देखने को मिलेंगे। मैत्री बाग जू प्रबंधन और रायपुर स्थित जंगल सफारी के प्रबंधन ने वन विभाग की मंजूरी के बाद एक-दूसरे के यहां रह रहे वन्यप्राणियों को एक्सचेंज किया है। इसके तहत शनिवार को मैत्री बाग में 4 वन्यप्राणियों को लाया गया। शेर सहित कुछ अन्य वन्य प्राणियों को सोमवार को यहां लाया जाएगा।

मैत्री बाग जू के प्रभारी डॉ एनके जैन ने बताया कि जंगल सफारी रायपुर से शनिवार को 4 पारक्यूपाइन (साही) और दो बार्किंग डियर आए हैं। दो बार्किंग डियर सोमवार को फीमेल व्हाइट टाइगर के साथ यहां लाए जाएंगे। इसके बदले में मैत्री बाग से सोमवार को एक फीमेल व्हाइट टाइगर और एक जैकाल मेल टाइगर को भेजा जाएगा।

इस तरह लकड़ी के बॉक्स में बंद करके लाए गए वन्य प्राणी।
इस तरह लकड़ी के बॉक्स में बंद करके लाए गए वन्य प्राणी।

डॉ एनके जैन ने बताया कि मैत्री बाग में व्हाइट टाइगर की संख्या और नए जन्म देने वाले टाइगर की ग्रोथ दोनों अच्छी थी। इनकी प्रजाति में जेनेटिक परिवर्तन आए, इसके लिए यहां से एक फीमेल व्हाइट टाइगर को भेजा जा रहा है और वहां से फीमेल व्हाइट टाइगर को लाया जा रहा है।

इसी तरह अन्य वन्यप्राणियों को भी इसी तरह एक्सचेंज किया जा रहा है। साथ ही साथ जो वन्य प्राणी अकेले हैं या फिर नहीं हैं, उन्हें भी लाने के लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी को पत्र लिखा गया है।

शनिवार को लाए गए चार पारक्यूपाइन।
शनिवार को लाए गए चार पारक्यूपाइन।

बंगाल टाइगर, लेपर्ड और लायन लाने की योजना

मैत्री बाग जू प्रबंधन बंगाल टाइगर के साथ ही लेपर्ड, लायन और क्रोकोडायल को लाने की योजना पर काम कर रहा है। उन्होंने इसके लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी और अन्य जू प्रबंधन को पत्र लिखा है। जैसे ही दोनों के बीच सहमति बनती है और जू अथॉरिटी की मंजूरी मिलती है, तो वन्य प्राणियों के एक्सचेंज का काम शुरू हो जाएगा।

सिंगल जानवरों को मिलेगा उनका साथी

मैत्री बाग में लेपर्ड, लायन सहित कई ऐसे वन्य प्राणी हैं, जो अकेले केज में बंद हैं। ऐसे में उन्हें जल्द ही उनका साथी मिल जाएगा। जल्द ही कई वन्य प्राणियों का एक्सचेंज किया जाएगा। इससे सिंगल जानवरों के केज में उनका साथी दिया जाएगा। इससे उनके बीच प्रजनन कराकर उनकी वंश वृद्धि पर भी काम किया जाएगा।

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