तम्बाकू बेचने के लिए लाइसेंस लेना होगा अनिवार्य

0
50

मेरठ। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 अखिलेश मोहन ने बताया कि राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत तम्बाकू रोकथाम को कोटपा अधिनियम-2003 के तहत कार्रवाई की जाती है। जनपद तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ मेरठ एवं यूपीवीएचए (उत्तर प्रदेश वाॅलिन्टरी हैल्थ एसोसिएशन उ0प्र0 लखनऊ) संयुक्त रूप से इस पर कार्यवाही करेंगे।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग व यूपीवीएचए ने सहयोगात्मक रूप सेे नगर निगम मेरठ के सहायक नगर आयुक्त से इस पर बैठक कर तम्बाकू विक्रेताओं को वेंडर लाइसेंस की प्रणाली को विस्तारपूर्वक समझाते हुए जनपद मेरठ मे इसके क्रियान्वयन करने के लिए के लिए अनुरोध किया है। सहायक नगर आयुक्त द्वारा वेंडर लाइसेंस की प्रक्रिया को गति प्रदान करने हेतु नगर निगम की आगामी बैठक में प्रस्ताव को प्रस्तुत करने की कार्यवाही की जायेगी।


उन्होंने बताया कि शहर में तम्बाकू बेचने के लिए अब नगर निगम सें लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। नगर निगम जल्द ही वेंडर लाइसेंस प्रावधान लागू करने की तैयारी में है। इस सम्बन्ध में महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने नगर आयुक्त को पत्र भेजा है।
नोडल अधिकारी, एनसीडी एवं जनपद सलाहकार ने बताया कि तम्बाकू की वेंडर लाइसेंसिंग प्रक्रिया न होने के कारण ज्यादातर दुकानदार इसको बेचते हैं तथा अप्रत्यक्ष रूप से इसका प्रचार भी करते हैं। जिससे युवा पीढी इसकी तरफ आकर्षित होती है तथा यह जानलेवा पदार्थ आसानी से उन तक पहॅुच जाता है। इससे कैंसर व अन्य गम्भीर बीमारियाॅ बढ़ रही है। एक तरह बीमार व्यक्ति के उपचार में उसके परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पडता है। वहीं दूसरी और सरकार पर आर्थिक बोझ बढ रहा हैं।
उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने तम्बाकू पर नियंत्रण करने के लिए कोटपा अधिनियम-2003 लागू की है, परन्तु तम्बाकू विक्रेताओं के लिए लाइसेंस प्रणाली लागू न होने के कारण इस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन में बाधाए आ रही हैं। इस अवसर पर नोडल अधिकारी एनसीडी सहित अन्य चिकित्सकगण उपस्थित रहे।

Leave a reply