पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए व्यापारियों ने सौंपी दुकानों की चाबी।

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मेरठ, । बाज़ार को दोनो ओर से बैरिकेट कर रास्ता रोके जानें से आहत कोटला बाज़ार के व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों की चाबी पुलिस को सौंपी। पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। सोमवार को कोटला बाज़ार के व्यापारियों ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एसपी सिटी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस ने कोटला बाज़ार के दोनों ओर से रास्ते बंद कर दिये है। इस कारण बाज़ार में ग्राहक नही पहुंच पा रहे है। पुलिस व्यापारियों का उत्पीड़न कर रही है, उनके फोटो खींचकर कार्रवाई का डर दिखाया जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि वह भी फ्रंट लाईन कोरोना वारियर्स है, उनके साथ इस तरह का व्यावहार करना उचित नही है। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों की चाबी एसपी सिटी कार्यायल पर सौंपी साथ ही कहा कि जबतक पूरी तरह से लाॅकडाउन नही खुलता है वह भी अपने प्रतिष्ठानों को नही खोलेगे। यहां पर गौर करने वाली बात यह है कि इस समय आंशिक लाॅकडाउन लगा है। ज़रूरी चीज़ो की दुकाने खुलाने का समय सुबह ग्यारह बजे तक है। ऐसे में कोटला बाज़ार में जहां पर किराना का थोक का व्यापार होता है वहां के व्यापारियों के साथ पुलिस का इस तरह का व्यवहार उचित नही है। अगर कोटला बाज़ार के व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दी तो पूरे शहर समेत ग्रामीण इलाकों में ज़रूरी चीज़ो की किल्लत होना तय है। व्यापारियों की मजबूरी है कि उनको अपनी दुकाने खोलनी पड़ रही है वर्ना कोरोन काल में इस तरह से कोई बिना वजह दुकाने नही खोल रहा है। वही अगर इन दुकानों पर भीड़ लगती है तो उसे नियंत्रित करने की जिम्मेदारी पुलिस की है, लेकिन पुलिस को इस जिम्मेदारी को निभाने में गलत तरीके का प्रयोग नही करना चाहिए। देखना होगा कि व्यापारियों की मांग पर पुलिस-प्रशासन क्या कदम उठाता है और मंगलवार को कोटला बाज़ार खुलता है या नही?बाज़ार को दोनो ओर से बैरिकेट कर रास्ता रोके जानें से आहत कोटला बाज़ार के व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों की चाबी पुलिस को सौंपी। पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया।

सोमवार को कोटला बाज़ार के व्यापारियों ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एसपी सिटी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस ने कोटला बाज़ार के दोनों ओर से रास्ते बंद कर दिये है। इस कारण बाज़ार में ग्राहक नही पहुंच पा रहे है। पुलिस व्यापारियों का उत्पीड़न कर रही है, उनके फोटो खींचकर कार्रवाई का डर दिखाया जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि वह भी फ्रंट लाईन कोरोना वारियर्स है, उनके साथ इस तरह का व्यावहार करना उचित नही है। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों की चाबी एसपी सिटी कार्यायल पर सौंपी साथ ही कहा कि जबतक पूरी तरह से लाॅकडाउन नही खुलता है वह भी अपने प्रतिष्ठानों को नही खोलेगे। यहां पर गौर करने वाली बात यह है कि इस समय आंशिक लाॅकडाउन लगा है। ज़रूरी चीज़ो की दुकाने खुलाने का समय सुबह ग्यारह बजे तक है। ऐसे में कोटला बाज़ार में जहां पर किराना का थोक का व्यापार होता है वहां के व्यापारियों के साथ पुलिस का इस तरह का व्यवहार उचित नही है। अगर कोटला बाज़ार के व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दी तो पूरे शहर समेत ग्रामीण इलाकों में ज़रूरी चीज़ो की किल्लत होना तय है। व्यापारियों की मजबूरी है कि उनको अपनी दुकाने खोलनी पड़ रही है वर्ना कोरोन काल में इस तरह से कोई बिना वजह दुकाने नही खोल रहा है। वही अगर इन दुकानों पर भीड़ लगती है तो उसे नियंत्रित करने की जिम्मेदारी पुलिस की है, लेकिन पुलिस को इस जिम्मेदारी को निभाने में गलत तरीके का प्रयोग नही करना चाहिए। देखना होगा कि व्यापारियों की मांग पर पुलिस-प्रशासन क्या कदम उठाता है और मंगलवार को कोटला बाज़ार खुलता है या नही?

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