रामपुर में बोले सीएम योगी आदित्यनाथ- हमने गरीबों को उनकी जमीन और माफिया को सजा दी

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को रामपुर में एक रैली में पहुंचे। वहां उन्होंने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि पहले भू-माफिया गरीबों की जमीन पर अतिक्रमण करते थे और अक्सर उन्हें प्रताड़ित करते थे। सत्ता में आने के बाद, हमारी सरकार ने गरीबों को जमीन वापस दे दी और ऐसे माफिया को उचित सजा देने के साथ उनके खिलाफ कार्रवाई की।

मालूम हो कि लोकसभा उप चुनाव के प्रचार का मंगलवार को आखिरी दिन है। मुख्यमंत्री योगी रामपुर से लोकसभा सीट पर भाजपा के उम्मीदवार घनश्याम सिंह लोधी के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रस्सी जल गई है लेकिन, ऐंठन नहीं गई। जिन लोगों ने सत्ता का दुरुपयोग कर गरीबों, वाल्मीकि समाज, व्यापारियों, किसानों की जमीनों पर कब्जा किया, रामपुर की विरासत को नष्ट करने का प्रयास किया, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई लेकिन वो ऐसा आचरण कर रहे हैँ जैसे उन पर अत्याचार किया गया हो। इन सब बातों से शायद मुख्यमंत्री का इशारा सपा नेता आजम खां की ओर ही रहा। साथ ही उन्होंने रामपुरी चाकू व जरी-जरदोजी के काम को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की बात भी कही तो बिलासपुर की चीनी मिल के आधुनिकीकरण के लिए बजट मंजूर करने की भी जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को बिलासपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि रामपुर की भी अपनी धरोहर रही है। कुछ लोगों ने रामपुर की धरोहर को नष्ट करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझ लिया था लेकिन, भाजपा सरकार ने कहा है कि धरोहर को नष्ट नहीं होने देंगे और खिलवाड़ नहीं करने देंगे। व्यक्ति कितना भी बडा क्यों न हो, कितने भी गुरूर में क्यों न हो अगर वो धरोहर को छेड़ने का प्रयास करेगा तो जनता सबक सिखाने का काम करेगी। कहा कि रामपुरी चाकू को आज वैश्विक पहचान मिल रही है लेकिन, ये चाकू अगर सज्जन के हाथ में है तो सुरक्षा के काम आता है और दुर्जन के हाथ में हो तो डकैती के काम आता है। अब रामपुर की जनता को तय करना है कि चाकू किसके हाथ में देना है।

सीएम योगी ने कहा कि रामपुर के चाकू का प्रयोग गरीबों को उजाड़ने, सरकारी धन का दुरुपयोग करने के लिए किया गया लेकिन, जब रामपुर का चाकू डबल इंजन की सरकार के हाथ में आया तो गुंडे माफिया के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही सरकारी धन का प्रयोग समान रूप से बिना भेदभाव के विकास के लिए किया गया। सीएम ने कहा कि फ्री राशन, फ्री वैक्सीन, फ्री बिजली कनेक्शन, फ्री आवास, फ्री उज्जवला योजना कनेक्शन हर किसी को बिना किसी भेदभाव के दिया गया और अब हर घर नल योजना पर काम किया जा रहा है।

सीएम ने कहा कि फर्क साफ है पहले सपा की सरकार में मुख्यमंत्री आवास पर दंगाइयों को आमंत्रित कर सम्मानित किया जाता था और अब श्री गुरु ग्रंथ साहिब की सवारी सीधे मुख्यमंत्री आवास पहुंचती है। मेधावियों को सम्मानित किया जाता है। गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के साहिबजादों की याद में बाल दिवस मनाया जाता है। योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में योग व कोरोना के बेहतर प्रबंधन के लिए वैश्विक पहचान की बात कही।

सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष गरीबों, जरूरतमंदों, युवाओं और किसानों का विकास व महिलाओं की सुरक्षा नहीं चाहता और अड़ंगा लगाता है। हमने बिना भेदभाव विकास कार्य कराए लेकिन, कहावत है कि रस्सी जल गई पर ऐंठन नहीं गई। कोरोना काल में हमने जेल के अंदर और बाहर सभी लोगों को मुफ्त उपचार करवाया। अगर फ्री में उपचार नहीं कराते तो बहुत सारे लोग…इसके लिए कम से कम धन्यवाद तो देते।

कयास लगाए जा रहे हैं कि ये लाइन उन्होंने सपा नेता आजम खां पर निशाना साधते हुए कही। सीएम ने कहा कि जो भारत माता का सम्मान नहीं करते, जिनके मन में राष्ट्र के विकास की अच्छी सोच नहीं, गुरु परंपरा का सम्मान नहीं करते, भारत की विरासत को आगे बढ़ते देखना नहीं चाहते  वो ही ऐसा अचारण कर रहे हैं।

सीएम योगी ने कहा कि ऐसा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं जैसे उनके साथ अन्याय हुआ हो। अन्याय तब नहीं हुआ जब वाल्मीकि समाज के लोगों को उजाड़ रहे थे, नवाबों द्वारा बनाई गई रामपुर की विरासत को उजाड़ने का प्रयास कर रहे थे, रजा लाइब्रेरी के अस्तित्व को नष्ट करने का प्रयास हो, अन्याय तब नहीं हुआ जब यहां के नागरिकों पर अत्याचार किया जा रहा था, व्यापरियों की जमीनों पर कब्जा, दंगइयों को सत्ता का संरक्षण दिया जा रहा था, वो अन्याय नहीं था उनकी नजर में। सरकार माफिया के खिलाफ कार्रवाई करती है तो अन्याय दिखता है।

सीएम ने कहा कि सपा का आज भी ये हाल है कि देश में किसी सभ्य परिवार से जाकर पूछो तो बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक नाक-मुंह सिकोड़ लेते हैं और कहते हैं भगवान बचाए। जो आज घडियाली आंसू बहा रहे हैं ये ही लोग दुराचारी के लिए सहानुभूति दिखाते हुए कहते थे कि लड़कों से गलती हो जाती है। पहले प्रदेश में नौकरी निकलती थी तो एक खानदान वसूली पर निकल पड़ता था। अब ऐसा नहीं है पिछले पांच साल में लाखों नौकरी दी गईं और सरकार के 100 दिन होने तक दस हजार युवाओं को नौकरी का विज्ञापन नहीं नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा।

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