मुंबई और केरल में बढ़ते कोरोना केस को लेकर मेरठ स्वास्थ्य विभाग में दहशत, बचाव के लिए बरती जाएंगी यह सावधानियां।

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मेरठ। त्योहारी मौसम में लोगों की लापरवाही और केरल,मुंबई में बढ़े केसों ने चिकित्सकों को असमंजस में डाल दिया है। दोनों प्रांतों में बढ रहे केसों से स्वास्थ्य विभाग ने अपनी सक्रियता बढा दी है। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर उप्र शासन भी स्थिति पर नजर रखे हुए है। बता दें कि मेरठ पूरे प्रदेश में दूसरी लहर में संक्रमित मरीज मिलने के मामले में नंबर एक आ गया था। हालात ये हो गए थे कि श्मशान घाट के बाहर तक चिंताएं जलाई गई थी और क​ब्रिस्तान में मिटटी भी कम पड़ गई थी। दूसरी लहर से मिले अनुभव से सीख लेते हुए मेरठ में कोरोना की स्थिति पर पल-पल नजर रखी जा रही है। कहा जा रहा है कि अक्टूबर तक जिले में 90 प्रतिश लोगों काे वैक्सीन लग चुकी होगी। दूसरी लहर में जो लोग संक्रमित हुए थे उनमें अधिकांश में एंटीबाडी डेवलप हो चुकी है। दूसरी ओर यह आशंका भी जताई जा रही है कि संक्रमण मुंबई से पश्चिमी उप्र या मेरठ पहुंचा तो हालात खराब होंगे।
पीआइसीयू यानी पीकू वार्ड में कोरोना संक्रमण से लड़ने की तैयारी पूरी रखी गई है। किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। पिछले दिनों स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा की टीम ने निरीक्षण में तैयारियां शत प्रतिशत पाई थी। सीएमओ डा0 अखिलेश मोहन ने कहा कि दूसरे राज्यों में कोरोना से बिगड़े हालात चिंताजनक हैं। उन्‍होंने कहा कि हालांकि अभी कोरोना फैलने की संभावना काफी कम है लेकिन यह अदृश्य वायरस है। एयर बार्न भी होता है इसलिए संक्रमण अचानक फैलने से इन्कार भी नहीं कर सकते।
मेडिकल कालेज के प्रचार्य डा0 ज्ञानेंद्र ने कहा कि कोरोना संक्रमण अगले महीने फैल भी सकता है। अभी केरल तक ही कोरोना का संक्रमण था लेकिन अब मुंबई में भी स्थितियां बिगड़ गई हैं। तो जाहिर है कि हालात कुछ हद तक यहां भी प्रभावित करेंगे। इसके लिए हम सभी को मानसिक रूप से तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के हालात अभी ठीक हैं। प्रत्येक दिन एक या दो नए संक्रमित ही मिल रहे हैं तो इसे मामूली न समझ़ें, सतर्कता पूरी रखें और घर से बाहर जाएं तो मास्क जरूर लगाएं। क्योंकि बचाव का सबसे पहला बैरियर मास्क ही होता है।
डा. ज्ञानेंद्र ने कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। प्रत्येक दिन लोगों के कोविड टेस्ट हो रहे हैं। अस्पतालों में भी तैयारी है। अब जिम्मेदारी लोगों की है कि दूसरे राज्यों की स्थिति को देखते हुए अपना बचाव हर स्तर पर करते रहें।

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