शिक्षा का व्यापारीकरण बंद हो: अशोक सिवाच।

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मेरठ। भारतीय जनसाधारण पार्टी की ओर से एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया जाए प्रेस वार्ता में अशोक सिवाच ने सरकार से मांग रखते हुए कहा है कि पूरे हिंदुस्तान में शिक्षा का व्यापारी करण बंद हो। उन्होंने कहा पब्लिक स्कूलों में एक बच्चे की औसत फीस 60 हजार प्रति वर्ष है। जिस पब्लिक स्कूल में 2500बच्चे पढ़ते हैं उस स्कूल में सालाना फीस एकत्र होती है। 15 करोड़ रुपए स्कूल का कुल खर्च बैठता है डेढ़ करोड़ रुपए सालाना।इस प्रकार स्कूल मालिक को हर वर्ष बचत होती है साढे तहरे करोड़ रुपए की यह व्यापार नहीं लूट है ।शिक्षा में लूट भ्रष्टाचार, अत्याचार को जन्म देती है। उन्होंने कहा कि ऐसे ही डॉक्टर मोटी फीस लेते हैं दवाइयों में मोटा कमीशन लेते हैं ।5 पैसे के स्लॉट की गोली पर मूल्य ₹10 दिखाया जाता है। डॉक्टर टेस्टों में मोटा कमीशन लेते हैं दवाई यदि एक की जरूरत होती है तो 4 बेवजह लिखते हैं ।मरीजों को भर्ती करने में भी कमीशन लेते हैं ऐसा करके शिक्षा और डॉक्टरों ने अपना कमाई का जरिया बना लिया है तो सरकार इस तरीके की कमाई को जल्द से जल्द बंद करो नहीं तो हमारी भारतीय जनसाधारण पार्टी विधानसभा में चुनाव लड़ने का काम करेगी और ऐसी कमाई करने वाले लोगों पर लगाम लगाई।

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