श्रद्धा मर्डर केस: आफताब का नार्को टेस्ट से पहले होगा पॉलीग्राफ

एफएसएल में आफताब पूनावाला का पॉलीग्राफ टेस्ट कब होगा, अभी इसकी डेट नहीं बताई गई है, एफएसएल के मुताबिक-पॉलीग्राफी के लिए कोर्ट से अलग से परमिशन लेनी होती है. पॉलीग्राफी से लेकर ब्रेन मैपिंग, नार्को सभी प्रोसेस में 10 दिन के लगभग लगेंगे.
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श्रद्धा वॉकर  मर्डर केस में आरोपी और लिव इन पार्टनर आफताब पूनावाला का सोमवार को नार्को टेस्ट होना था, लेकिन नहीं हो सका. नार्को टेस्ट से पहले आफताब का पॉलीग्राफ टेस्ट होगा. इसके लिए दिल्ली पुलिस ने साकेत कोर्ट में अर्जी दी थी. इस अर्जी पर साकेत कोर्ट ने मंजूरी दे दी है. हालांकि, एफएसएल में आफताब पूनावाला का पॉलीग्राफ टेस्ट कब होगा, अभी इसकी डेट नहीं बताई गई है.

एफएसएल के मुताबिक-पॉलीग्राफी के लिए कोर्ट से अलग से परमिशन लेनी होती है. पॉलीग्राफी से लेकर ब्रेन मैपिंग, नार्को सभी प्रोसेस में 10 दिन के लगभग लगेंगे. इसके अलावा दिल्ली पुलिस को महरौली के जंगलों से अब तक जितनी हड्डियां मिली है, और सोमवार को बरामद किए गए जबड़े के हिस्से को जांच के लिए सीएफएसएल भेज दिया गया है. नार्को टेस्ट में करीब 3 से 4 घंटे लगता है. यह जांच पुलिस को लीड देने के लिए होता है.

पॉलीग्राफ टेस्ट नार्को टेस्ट से अलग होता है. इसमें आरोपी को बेहोशी का इंजेक्शन नहीं दिया जाता, बल्कि कार्डियो कफ जैसी मशीनें लगाई जाती हैं. इनके जरिए ब्लड प्रेशर, नब्ज, सांस, पसीना, ब्लड फ्लो को मापा जाता है. इसके बाद आरोपी से सवाल पूछे जाते हैं. झूठ बोलने पर वो घबरा जाता है, जिसे मशीन पकड़ लेती है.

इससे पहले खबर सामने आई थी कि श्रद्धा वॉकर ने भी मुंबई में अपने दांतों का रूट कनाल ट्रीटमेंट कराया था. इसकी मेडिकल रिपोर्ट भी है. आशंका जताई जा रही है कि शव के टुकड़े करते समय आफताब ने दांतों और जबड़े को भी तोड़ा था, जिससे श्रद्धा के शव की पहचान न की जा सके. इसके अलावा जंगल से मिली हड्डियां श्रद्धा की है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए डीएनए टेस्ट होना है. जिसके लिए उसके पिता और भाई के ब्लड सैंपल लिए गए हैं. इसकी रिपोर्ट आने में 15 दिन लग सकते हैं.

बता दें कि मुंबई की श्रद्धा आफताब के साथ लिव-इन-रिलेशनशिप में मुंबई में ही रहती थी. लेकिन बाद में दोनों दिल्ली शिफ्ट हो गए थे.  पुलिस का कहना है कि मई में ऑफताब ने दिल्ली के महरौली में श्रद्धा की हत्या कर दी थी. बॉडी को रखने के लिए अगले दिन उसने 300 लीटर का फ्रिज खरीदा था. इसी दिन उसने हथियार/औजार से शव को 35 टुकड़ों में बांट दिया. वह 18 दिन तक हर रात करीब दो बजे शरीर के हिस्‍सों को ठिकाने लगाने के लिए जाता था.

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