12 मई चिकित्सक स्टाफ के लिए बना अहम दिन।

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मेरठ।कोरोना की तीन लहर आ चुकी हैं और चौथी की आशंका है। इस महामारी में चिकित्सीय स्टाफ ने अपना सब कुछ झोंका है। कोरोना के इलाज और टीकाकरण में नर्सों ने बेहद अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने जान जोखिम में डालकर पूरे समर्पण के साथ मरीजों का इलाज करने में मदद की। अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ की।आज अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस है। इस दिन इनकी सेवा को याद करना बहुत जरूरी है, क्योंकि बिना नर्सिंग स्टाफ के इस लड़ाई को लड़ना नामुमकिन था और आगे की चुनौती में भी इनका सहयोग महत्वपूर्ण होगा।

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाने की शुरुआत साल 1974 से हुई थी। यह दिन आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल को समर्पित है। उनकी याद में ही 12 मई को नर्स दिवस मनाया जाता है। उन्होंने जिंदगीभर बीमारों की सेवा की। उनका समर्पण सबके लिए प्रेरणादायक रहा।

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