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चंद्र ग्रहण को खुली आंखों से देखना सुरक्षित:राहु के चंद्रमा को निगलने से नहीं लगता ग्रहण; इससे भूकंप-सुनामी आने के पीछे भी साइंस

आज रात को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण होगा। यह आंशिक चंद्र ग्रहण रहेगा। विज्ञान मंत्रालय के मुताबिक ग्रहण रात 1.05 बजे से रात 2.24 बजे तक दिखाई देगा। एक घंटा 19 मिनट के इस ग्रहण को भारत में हर जगह से देखा जा सकेगा।

यह चंद्र ग्रहण इस साल की आखिरी खगोलीय घटना होगी। इसके बाद 25 मार्च 2024 को अगला चंद्र ग्रहण पड़ेगा। शरद पूर्णिमा तिथि, मास, वर्ष, गोचर की गणना से देखें, तो 2005 में शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण था और अब 2023 में शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण की स्थिति बनी है।

एनिमेशन के जरिए देखें चंद्र ग्रहण

अब चंद्र ग्रहण से जुड़े तमाम पहलुओं को जान लेते हैं…

क्या चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा
आंशिक चंद्र ग्रहण को भारत समेत पृथ्वी पर करीब हर जगह से देखा जा सकेगा। भारत के अलावा यह यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, नॉर्थ अमेरिका, नॉर्थ/ईस्ट साउथ अमेरिका, पैसेफिक, अटलांटिक, इंडियन ओशन, आर्कटिक और अंटार्कटिका के ऊपर देखा जा सकेगा।

देशों के हिसाब से देखें तो अफगानिस्तान, चीन, ईरान, तुर्किये, अल्जीरिया, बांग्लादेश, भूटान, मंगोलिया, नाइजीरिया, ब्रिटेन, स्पेन, स्वीडन, मलेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, इंडोनेशिया, कोरिया और ब्राजील के पूर्वी भाग में भी आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा।

चंद्र ग्रहण को हम कैसे देख सकते हैं
सूर्य ग्रहण की तुलना में चंद्र ग्रहण देखना सुरक्षित होता है। कोई भी व्यक्ति बिना आई प्रोटेक्शन और स्पेशल इक्विपमेंट के इसे देख सकता है। आप बिना बाइनॉकुलर्स या टेलिस्कोप के सीधे अपनी आंखों से चंद्रग्रहण देख सकते हैं।

चंद्र ग्रहण क्या है, यह क्यों होता है
पृथ्वी और सभी दूसरे ग्रह गुरुत्वाकर्षण बल यानी ग्रेविटेशनल फोर्स की वजह से सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं। सूर्य के चक्कर लगाने के दौरान कई बार ऐसी स्थिति बनती है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच में आ जाती है। इस दौरान सूर्य का प्रकाश चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाता है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ने से चंद्र ग्रहण होता है।

चंद्र ग्रहण की घटना तभी होती है जब सूर्य, पृथ्‍वी और चंद्रमा एक सीध में हों, खगोलीय विज्ञान के अनुसार ये केवल पूर्णिमा के दिन ही संभव होता है। इसी वजह से चंद्र ग्रहण केवल पूर्णिमा के दिन होते हैं।

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