सारंगढ़ बिलाईगढ़

JCCJ में दो फाड़, एक ही सीट से 2 नामांकन:केंद्रीय चुनाव कमेटी के अध्यक्ष ने अधिकृत प्रत्याशी से बनाई दूरी, दूसरे का किया समर्थन

मुंगेली के लोरमी विधानसभा सीट को लेकर जेसीसीजे में मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब नामांकन के दौरान जोगी कांग्रेस फिर से दो गुटों में बंटी नजर आ रही है। लोरमी सीट से जेसीसीजे के अधिकृत प्रत्याशी और जेसीसीजे नेता ने भी नामांकन दाखिल किया है। इसमें केंद्रीय चुनाव कमेटी के अध्यक्ष ने अधिकृत प्रत्याशी से दूरी बनाकर रखी, जबकि जेसीसीजे के पुराने कार्यकर्ता को समर्थन दिया, जिससे कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

दरअसल, जेसीसीजे ने लोरमी विधानसभा सीट से कांग्रेस से जोगी कांग्रेस में आए सागर सिंह बैस को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं लंबे समय से इसी सीट पर तैयारी कर रहे जेसीसीजे के विधानसभा प्रभारी मनीष त्रिपाठी ने भी अपना नामांकन जमा कर दिया है।

तिलक राम देवांगन ने मनीष त्रिपाठी को दिया समर्थन।
तिलक राम देवांगन ने मनीष त्रिपाठी को दिया समर्थन।

कांग्रेस से आए नेता को पार्टी से टिकट

ऐसा बताया जा रहा है कि जेसीसीजे का एक धड़ा जिसमें खुद तिलक राम देवांगन शामिल हैं। मनीष त्रिपाठी को लोरमी से प्रत्याशी बनाए जाने के पक्ष में हैं, जिसके चलते पहले ही उन्हें पार्टी की ओर से बी फॉर्म जारी कर दिया गया था। बाद में कांग्रेस जिला अध्यक्ष के जोगी कांग्रेस ज्वाइन करने पर उन्हें प्रत्याशी बना दिया गया।

तिलक राम देवांगन खुद मौजूद रहे

इस मामले लोरमी विधानसभा प्रभारी मनीष त्रिपाठी से बात की गई तो उन्होंने साफ कहा मैंने अभी पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है। उनकी पार्टी के केंद्रीय चुनाव कमेटी के अध्यक्ष तिलक राम देवांगन खुद मौजूद थे। मनीष त्रिपाठी ने कहा कि अभी भी हाई कमान के पास अपना फैसला बदलने को लेकर वक्त है।

जानकारी नहीं होने की कह रहे बात

इस मामले पर जब जेसीसीजे से प्रत्याशी बनाए गए सागर सिंह बैस से पूछा गया तो वो ऐसी किसी जानकारी से साफ तौर पर इंकार कर रहे हैं।

सागर सिंह बैस ने मामले में कोई जानकारी नहीं होने की बात कही।
सागर सिंह बैस ने मामले में कोई जानकारी नहीं होने की बात कही।

सियासी मायने

राजनीतिक एक्सपर्ट बता रहे हैं कि 2018 के विधानसभा चुनाव में धर्मजीत सिंह के जीत के पीछे बड़ी भूमिका निभाने वाले मनीष त्रिपाठी की लोकप्रियता का अंदाजा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी है। ऐसे में तिलक राम देवांगन जिम्मेदार पदाधिकारी को अधिकृत प्रत्याशी की जगह मनीष की रैली में शामिल होकर पार्टी के भीतर बड़ा संदेश देने की कोशिश की है।

  • rammandir-ramlala

Related Articles

Back to top button