मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को दिए गोवंश को संरक्षित करने के आदेश,

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गो-संरक्षण केन्द्रों की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने सभी जिलों  में पर्याप्त संख्या में गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्था की है। सभी जिलाधिकारी देखें कि कहीं भी गोवंश छुट्टा न घूमें। इन्हें गो-आश्रय स्थल में लाकर इनकी समुचित देखभाल की जाए। पशुपालन विभाग छुट्टा जानवरों को गो-संरक्षण केन्द्रों में पहुंचाए। इसके लिए टीम गठित कर प्रभावी कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि गो-संरक्षण केन्द्रों में पशुओं के चारे,पानी,सुरक्षा,साफ-सफाई आदि की पूरी व्यवस्था  की जाए। पशुओं को ठण्ड से बचाने तथा स्वास्थ्य की देखभाल के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। संरक्षण केन्द्रों में केयरटेकर तैनात रहें, जो इन पशुओं की देख-रेख करें।

 

मुख्यमंत्री के इन आदेशों की रियलिटी चेक करने जब हमारे संवाददाता सोनू मेरठ की सड़कों पर निकले तो उन्होंने देखा कि गोवंश कूड़े के ढेर में कूड़ा खाने को मजबूर था सड़कों पर छुट्टा घूमता गोवंश भूख और आश्रय स्थल के लिए इधर-उधर भटकता दिख रहा था, लेकिन मुख्यमंत्री के आदेशों की अवहेलना मेरठ के जिलाधिकारी करते नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि गोवंश को संरक्षित किया गया है लेकिन तस्वीरे कुछ और ही बयां कर रही हैं गौ-आश्रय स्थल जो बनाए गए हैं उनमें कोई सुख सुविधा देखने को नहीं मिल रही यहां तक की जिन पशुओं को संरक्षित किया जाता है उनके कान पर एक पीले कलर का टैग लगा दिया जाता है । टैग लगे गोवंश भी कूड़े के ढेर में कूड़ा खाते दिखाई दिए आखिर किस तरह से जिलाधिकारी इन गोवंश को संरक्षित कर रहे हैं मुख्यमंत्री के इन आदेशों को कब धरातल पर उतारा जाएगा यह तो समय ही बताएगा।

 

इस बारे में जब जिलाधिकारी के बालाजी ने बात कि गई तो उनका कहना था कि जल्द ही गौ संरक्षण की व्यवस्था की जा रही है जिले के अंदर भटक रहे गोवंश को गौशाला में रखा जाएगा।

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