मेरठ में क्रिकेट की ‘सट्टा लीग’ का पर्दाफाश, पाकिस्तान और रूस तक फैला था जाल, हैरान करने वाले हैं आरोपितों के कारनामे

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फर्जी टी-20 क्रिकेट लीग में मेरठ के करन पब्लिक स्कूल को हायर कर मैच कराए जा रहे थे। परीक्षितगढ़ के खजूरी निवासी शिताब उर्फ शिब्बू विज्ञापन के लिए पोस्टर और बोर्ड लगाने का काम करता था। साथ ही करन पब्लिक स्कूल का ग्राउंड हायर कराने में भी शिब्बू की अहम भूमिका रही है। साथ ही मेरठ का ही रहने वाला अशोक चौधरी एप पर मैच का टीवी की तरह प्रसारण करने का काम करता था। उसके बाद रूस में बैठकर बड़ा सट्टा लगाया जा रहा था। अभी तक जानकारी में सामने आया कि अन्य देशों से भी अशोक चौधरी का जुड़ाव है। उसके मोबाइल में अन्य देशों में सट्टा करने वालों के भी नंबर मिले हैं।

हापुड़ पुलिस ने किया पर्दाफाश

हापुड़ पुलिस ने फर्जी पंजाब क्रिकेट प्रीमियर लीग तैयार कर फर्जी टी-20 प्रतियोगिता कराकर सट्टा लगवाने वाले जिस गिरोह का पर्दाफाश किया है, उसके तार देश और विदेश में भी फैले हुए हैं। मेरठ में होने वाले इन मैचों का एप के जरिये सीधा प्रसारण आनलाइन भी किया जा रहा था। उसके बाद रूस में बैठकर उस पर बड़े पैमाने पर सट्टा लगाया जा रहा था। हापुड़ पुलिस ने मामले में मेरठ के परीक्षितगढ़ थानाक्षेत्र के गांव खजूरी निवासी शिताब उर्फ शिब्बू और मध्यप्रदेश के ग्वालियर निवासी रिषभ तथा मेरठ के जानी थाना क्षेत्र के अशोक चौधरी को पकड़ा है। अशोक चौधरी ही रिषभ को लेकर करन पब्ल्कि स्कूल में पहुंचा था। दिसंबर में करन पब्लिक स्कूल का ग्राउंड पांच दिन के लिए किराए पर लिया था। उसके बाद शिब्बू ने अपने गांव खजूरी स्थित ग्राउंड में भी कई मैच कराए थे।

पाकिस्तान से भी अशोक और शिब्बू का जुड़ाव मिला

जानी थाना क्षेत्र के बागपत रोड निवासी अशोक चौधरी हाल में गंगानगर में मकान किराए पर लेकर रह रहा था। एसपी दीपक भूकर ने बताया कि अशोक चौधरी के साथी शिब्बू के मोबाइल में पाकिस्तान का नंबर भी मिला है। माना जा रहा है कि अशोक और शिब्बू के संपर्क पाकिस्तान तक जुड़े हुए हैं। उन नंबरों की सर्विलांस की टीम पड़ताल कर रही है। अशोक और शिब्बू की हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है।

इन्‍होंने कहा

हापुड़ पुलिस की मदद के लिए पुलिस की एक टीम लगाई है, जो अशोक चौधरी और शिब्बू की हिस्ट्री खंगाल रही है। साथ ही उनके द्वारा कहां-कहां मैच कराए। सभी ग्राउंड चिह्नित किए जा रहे हैं। ये पिछले आठ माह से मेरठ में फर्जी मैच कराकर सट्टा लगवा रहे थे। उक्त दोनों से जुड़े अन्य लोगों की भी पड़ताल की जा रही है।

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