होटलों में एक हजार रुपये से कम के कमरों पर 12 फीसदी जीएसटी, पर्यटन उद्यमियों ने किया विरोध

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होटलों में एक हजार रुपये से कम के कमरों पर 12 फीसदी जीएसटी लागू करने के विरोध में आगरा के पर्यटन उद्यमियों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। उद्यमियों ने जनप्रतिनिधियों ज्ञापन, उत्तर प्रदेश पर्यटन के संयुक्त निदेशक को ज्ञापन देकर एक हजार रुपये तक के कमरों को जीएसटी से मुक्त रखने की मांग की।

होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश चौहान की अगुवाई में होटल संचालक सांसद हरद्वार दुबे, कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, बेबीरानी मौर्य, विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह और एमएलसी विजय शिवहरे से मिले। राकेश चौहान ने कहा कि 18 जुलाई से लागू होने वाला जीएसटी का आदेश तुरंत वापस लें। हम 18 जुलाई से होटलों पर काले झंडे लगाएंगे। प्रदर्शन में संजीव जैन, माधव मोहन बंसल, राजेश कालिया, संजीव भारती, दीपक गुप्ता, राजकुमार खंडेलवाल, विकास कश्यप, नरेंद्र गुप्ता, जावेद अली, शिवांकर शर्मा, खुर्रम खान आदि मौजूद रहे।

अब तक नहीं संभला होटल व्यवसाय

पर्यटन उद्यमियों के मुताबिक मार्च 2020 से होटल बंद थे। कुछ समय पहले खुले हैं पर पर्यटक अब भी नहीं है। ऐसे में एक हजार रुपये तक के कमरों पर 12 फीसदी टैक्स लगाना ठीक नहीं।

वित्तमंत्री से की जीएसटी वापसी की मांग

होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रमेश वाधवा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र भेजकर जीएसटी वापसी की मांग की है। उन्होंने बताया कि सरकार को कोविड काल में बर्बाद हो चुके छोटे होटलों को रियायत देनी चाहिए, लेकिन जीएसटी लगाया जा रहा है।

‘जीएसटी वापस लें’

होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव जैन ने कहा कि अभी विदेशी पर्यटकों की आमद शुरू नहीं हुई। होटलों में आम पर्यटक रुक रहे हैं। ऐसे में जीएसटी वापस ली जाए।

‘महंगे कमरों पर लगाएं जीएसटी’

होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि जो पर्यटक 20 हजार से ज्यादा महंगे कमरों में रुक रहे हैं, सरकार उन पर टैक्स की दर बढ़ा दे, आम आदमी को राहत दें।

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