UP vidhansabha chunav: फिर मैदान में उतरे सोमेंद्र तोमर

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए टिकटों का बंटवारा होने के साथ राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। पश्चिमी यूपी की राजनीति के केंद्र कहे जाने वाले मेरठ में जैसे ही प्रत्याशियों का ऐलान हुआ चौराहों पर चर्चा का विषय बन गया।

मेरठ की बात करें तो सबसे चर्चित नाम डॉक्टर सोमेंद्र तोमर कर रहा। सोमेंद्र वर्तमान में मेरठ दक्षिण सीट से विधायक हैं और 2022 विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी आलाकमान ने सोमेंद्र तोमर पर एक बार फिर दांव चला है।

आपको बता दें मेरठ में साथ विधानसभा सीट हैं जिसमें मेरठ शहर, मेरठ कैंट, मेरठ दक्षिण, सरधना, हस्तिनापुर, किठौर और सिवालखास की सीट शामिल है।

अगर हम बाद मेरठ दक्षिण सीट की करें तो यह सिर्फ मतदाताओं की संख्या के लिहाज़ से जिले की सबसे बड़ी सीट है। वर्ष 2012 में वजूद में आई इस सीट पर 2017 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को जीत मिली और सोमेंद्र तोमर विधायक बने। क्षेत्रफल की दृष्टि से देखें तो शास्त्रीनगर, जागृति विहार, प्रतापपुर, रिठानी औरदिल्ली रोड की कई कॉलोनियां इस विधानसभा क्षेत्र में आती हैं।

अगर इस सीट के इतिहास की बात करें तो इस सीट से 2012 के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी ने सोमेंद्र तोमर को प्रत्याशी बनाया था लेकिन गुर्जर नेताओं की लामबंदी की वजह से सोमेंद्र तोमर का टिकट कट गया था और भाजपा ने सोमेंद्र की जगह रविंद्र बढ़ाना पर दांव खेला जो सही साबित हुआ और रविंद्र भडाना ने 2012 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की।

इसके बाद 2017 में भी भाजपा ने रविंद्र भड़ना का टिकट काटकर फिर से सोमेंद्र तोमर को प्रत्याशी बनाया और सोमेंद्र तोमर ने शानदार जीत हासिल की। यानी मेरठ दक्षिण सीट के वजूद में आने के बाद से ही इस सीट पर भाजपा का कब्जा रहा है वर्तमान विधायक सोमेंद्र तोमर के सफल कार्य को देखते हुए भाजपा आलाकमान ने एक बार फिर यह जिम्मेदारी उन्हीं को सौंपी है।

आपको बता दें सोमेंद्र तोमर भाजपा के सफल विधायकों में से एक हैं जनता और खासतौर से युवाओं के बीच उनकी छवि बड़े भाई जैसी है।

पिछले 5 सालों में मेरठ को कई बड़ी सौगात मिली जिसमें जिसमें विधायक सोमेंद्र तोमर की अहम भूमिका रही। वर्तमान में मेरठ में भारत की राजधानी दिल्ली से जोड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं बनाई गई हैं जिसमें से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे बनकर तैयार हो चुका है और भारत की पहली रीजनल रैपिड रेल का काम जोरों पर है। इन योजनाओं से दिल्ली जाने वाले लाखों मेरठ वासियों को सुविधा मिली। दिल्ली से मेरठ का सफर जो पहले 4 घंटे में पूरा होता था अब वह महज 40 मिनट में पूरा होता है। इसमें दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे की अहम भूमिका रही है। इससे ना सिर्फ समय की बचत हो रही है बल्कि जाम से भी छुटकारा मिला है।

इसी के साथ मेरठ में एशिया का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स मार्केट है जहां से इंटरनेशनल क्रिकेट सहित कई इंटरनेशनल टूर्नामेंट के लिए स्पोर्ट्स इक्विपमेंट्स जाते हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में उत्तर प्रदेश के पहले खेल विश्वविद्यालय मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी जो मेरठ को स्पोर्ट्स सिटी के रूप में स्थापित करेगी।

प्रदेश सरकार की इन उपलब्धियों और सफल योजनाओं को लेकर एक बार फिर 2022 विधानसभा चुनाव में सोमेंद्र तोमर जनता के सामने पहुंच रहे हैं और एक बार फिर उनको युवाओं और महिलाओं के साथ मिल रहा है।

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