पीएम मोदी ने गांधीनगर-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को दिखायी हरी झंडी, जानें इसकी खासियत

Vande Bharat Express Train: अधिकारियों ने बताया कि वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रियों को विमान में यात्रा करने जैसा अनुभव मुहैया कराएगी.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर और मुंबई के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को शुक्रवार को हरी झंडी दिखायी. एक अधिकारी ने बताया कि मोदी ने सुबह करीब साढ़े 10 बजे गांधीनगर रेलवे स्टेशन से ट्रेन को हरी झंडी दिखायी. इसके बाद पीएम ने गांधीनगर से कालूपुर रेलवे स्टेशन तक ट्रेन में यात्रा की. इस दौरान वह लोगों से बात करते हुए भी दिखे.

वंदे भारत 2.0 का उद्घाटन

वंदे भारत नाम भले ही एक हो लेकिन इस बार की ट्रेन में बहुत से बदलाव किए गए हैं. भारत में सेमी हाई स्पीड से चलने वाली वंदे भारत सीरीज की ये तीसरी ट्रेन है. इसे वंदे भारत 2.0 भी कहा जा रहा है. एक ट्रेन दिल्ली से वाराणसी और दूसरी दिल्ली से कटरा के लिए चलती है. ये तीसरी ट्रेन है जो गांधीनगर से मुंबई के बीच चलेगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि जिस तरह से हर बार स्मार्टफोन बदलाव के साथ आते हैं उसी तरह हर बार वंदे भारत ट्रेन भी अलग बदलाव के साथ आएगी. हालांकि नाम यही रहेगा.

वंदे भारत 2.0 की लागत में भी इजाफा

जैसा कि कहा गया है कि हर बार की तरह ट्रेन अपग्रेड होकर आएगी तो इसकी लागत में बढ़ोत्तरी देखी जाएगी. अब वंदे भारत 2.0 को ही ले लीजिए. इस ट्रेन की लागत साल 2019 में लॉन्च हुई वंदे भारत से 15 करोड़ रुपये ज्यादा है. पहली वंदे भारत की लागत 115 करोड़ रुपये थी. पिछले तीन सालों से चली ट्रेनों के फीडबैक के आधार पर इसके स्पेसीफिकेशन्स में बदलाव किया गया है.

क्या बदलाव किए गए?

वंदे भारत 2.0 में बदलावों की अगर बात करें तो इसमें पहला बदलाव तो यही है कि ये ट्रेन 129 सेकेंड में अपनी डॉप स्पीड 160 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार पर पहुंच जाती है. ये पिछली ट्रेनों से लगभग 16 सेकेंड ज्यादा है. ऐसा इसलिए हो पाता है क्योंकि इस ट्रेन को पिछली ट्रनों से हल्का रखा गया है. इस ट्रेन का वजन लगभग 392 टन है जो पिछली ट्रेनों के मुकाबले 38 टन कम है.

बतादे की भारत ने 400 वंदे भारत ट्रेन को चलाने का मिशन शुरू किया है. जिसमें अगस्त 2023 तक 72 ऐसी नई ट्रेन्स को लॉन्च किया जाएगा. इसके अलावा, रात में यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए वंदे भारत में स्लीपर कोच लगाने की भी योजना है.

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