शहीद सूबेदार राम सिंह के घर पहुंचे रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट।

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मेरठ जम्मू कश्मीर के राजौरी में थाना मंडी क्षेत्र में ऑपरेशन के दौरान शहीद हुए सूबेदार राम सिंह भंडारी के परिवार से मिलने रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट शहीद के घर पहुंचे। रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट सुबह 10:00 बजे हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर पहुंचे जिसके बाद थोड़ा विश्राम करके वह सीधे शहीद के घर के लिए निकल गए। मेरठ के गंगानगर में ईसापुरम स्थित शहीद परिवार से मिलकर उन्होंने शहीद को श्रद्धांजलि दी और परिवार के साथ हर तरह से खड़े रहने का आश्वासन दिया। रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने शहीद के बेटे, चारो बेटियों, पत्नी, भाइयों व पिता के साथ मुलाकात कर सरकार व सेना की ओर से मिलने वाले हर संभव मदद की त्वरित कार्रवाई का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि परिवार को कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सारी कार्यवाही उनके घर पर ही पूरी करा दी जाएगी।

मेरठ पहुंचे अजय भट्ट ने कहा कि शहीद राम सिंह बहुत बहादुर व अपने बटालियन में प्रचलित व्यक्तित्व थे। एनडीए व आइएमए जैसे संस्थानों में कैडेट्स को प्रशिक्षण भी दे चुके और उनके सामने अफसर बने सेना के कई जवान सेना के विभिन्न रेजीमेंट्स में कार्यरत भी हैं। वह युवाओं को अनुशासन सिखाते थे और खुद भी अनुशासित जीवन शैली जीते थे।
रक्षा राज्य मंत्री ने बताया की शहीद सूबेदार राम सिंह ऑपरेशन बद्री के दौरान शहीद हुए थे। कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन के दौरान रास्ते के किनारे खेत से चली गोली उनके पेट में लगी थी। गोली लगने के बाद भी उन्होंने आतंकी को निशाना बनाया और मार गिराया। इससे कुछ दिन पहले ही ऑपरेशन शारदा में सूबेदार राम सिंह ने दो आतंकियों को मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था। उनकी फिटनेस के सभी कायल थे और वह दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करते रहते थे।

शहीद की प्रतिमा लगाने, बेटे को सीडीएमए में नौकरी दिलाने व रास्ते का नामकरण करने संबंधी आदि मांगों को गढ़वाल सभा पदाधिकारियों ने भी रक्षा राज्य मंत्री के समक्ष रखा, जिसे पूरा करने का उन्होंने आश्वासन भी दिया है। रक्षा राज्य मंत्री के घर पहुंचते ही भारत माता की जय, शहीद राम सिंह अमर रहे के नारों के साथ ही पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी खूब गूंजे। रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट के साथ सब एरिया कमांडर मेजर जनरल अरुण कुमार गुप्ता, सांसद राजेंद्र अग्रवाल सहित सरकार व सेना के अन्य पदाधिकारी शहीद के घर पहुंचे। शहीद की तस्वीर पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि देने के बाद वह परिवार से मिले।

शहीद के बेटे सोलेन भंडारी ने अपने हाथ से लिखा पत्र रक्षा राज्य मंत्री को दिया। जिसमें उन्होंने अपने परिवार की जिम्मेदारी, दो बहनों की शादी और मां की देखरेख का हवाला देते हुए सीडीए में नौकरी दिलाने की मांग रखी। पत्र में सोलेन ने यह भी लिखा है कि वह अपने पिता की तरह ही सेना में भर्ती होना चाहते थे लेकिन उनके बाद परिवार की जिम्मेदारियां उनके ही कंधों पर है। इसलिए सभी बड़ों के सुझाव को देखते हुए वह सीडीए में नौकरी की मांग कर रहे हैं, जिससे परिवार का भरण पोषण भी कर सकें। रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि सेना में परिवार के वेलफेयर की व्यवस्था होती है। जिन दो बहनों की शादी नहीं हुई है, उनके वेलफेयर की व्यवस्था भी उसी व्यवस्था के अंतर्गत की जाएगी।

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