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    छत्तीसगढ़ HD MAHANTBy HD MAHANTFebruary 3, 2026

    बजट में अब महिलाओं को केवल ‘लाभार्थी’ नहीं, बल्कि आर्थिक प्रगति में सहभागी’ माना गया है : डॉ. बघेल

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    रायपुर 3 फरवरी 2026/भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल ने कहा है कि केन्द्रीय बजट-2026-27 ने ‘महिला विकास’ से आगे बढ़कर ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ पर ध्यान केंद्रित किया है। इस बजट का सबसे क्रांतिकारी कदम ‘शी-मार्ट’ की घोषणा है, जो ग्रामीण महिला उद्यमियों की आर्थिक शक्ति को एक नई पहचान देने वाला है। डॉ. (श्रीमती) बघेल ने कहा कि केन्द्र सरकार अब महिलाओं को केवल ‘लाभार्थी’ नहीं, बल्कि ‘आर्थिक प्रगति में सहभागी’ के रूप में देख रही है। शी-मार्ट जैसे प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को औपचारिक रूप देंगे और महिलाओं को वैश्विक मूल्य श्रृंखला से जोड़ेंगे। यह ‘कल्याण’ से ‘सशक्तीकरण’ की ओर एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव है।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. (श्रीमती) बघेल ने कहा कि शी-मार्ट योजना महिलाओं को ऋण से उद्यम की ओर अग्रसर करेगी। शी-मार्ट योजना, जिसका अर्थ ‘सेल्फ-हेल्प इन्ट्रेप्रेन्योर मार्ट’ है, ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम की अगली कड़ी है। इसका लक्ष्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को केवल ऋण लेने वाली श्रेणी से निकालकर ‘व्यवसाय स्वामी’ बनाना है। ये मार्ट ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों (हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद, प्रसंस्कृत खाद्य) को सीधे बाजार और ग्राहकों से जोड़ेंगे, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। इसके लिए ‘इनोवेटिव फाइनेंसिंग इंस्ट्रूमेंट्स’ और क्रेडिट गारंटी जैसे आधुनिक वित्तीय साधनों का उपयोग किया जाएगा। डॉ. (श्रीमती) बघेल ने कहा कि लखपति दीदी-2.0 के तहत सरकार ने 2027 तक 3 करोड़ लखपति दीदियाँ बनाने का लक्ष्य रखा है। बजट में अब तकनीक और डिजिटल वित्तीय साक्षरता पर जोर दिया गया है। वर्तमान में लगभग 2.5 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं (जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक है)। अब उन्हें उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण देकर उनके व्यवसायों को बड़े पैमाने पर (Scaling up) ले जाया जाएगा।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. (श्रीमती) बघेल ने कहा कि महिलाओं की उच्च शिक्षा और कार्यबल में भागीदारी बढ़ाने के लिए भी बड़े कदम उठाए गए हैं। छात्राओं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली लड़कियों के लिए सुरक्षित आवास सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने का प्रस्ताव है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्र में लड़कियों के नामांकन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। आर्थिक गलियारों के पास 5 नई ‘यूनिवर्सिटी टाउनशिप’ बनाई जाएंगी, जो पढ़ाई और रोजगार के बीच की दूरी को कम करेंगी। डॉ. (श्रीमती) बघेल ने कहा कि कृषि में आधुनिकता और महिलाओं के कौशल को जोड़ने वाली नमो ड्रोन दीदी योजना के लिए आवंटन को सुदृढ़ किया गया है। इसके लिए 15 हजार चयनित स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन उपलब्ध कराकर महिलाओं को ‘ड्रोन पायलट’ के रूप में प्रशिक्षित करने का प्रस्ताव है। इससे महिलाएँ खेती में कीटनाशक छिड़काव जैसे कार्यों के जरिए प्रति माह 10 हजार-15 हजार रुपए अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगी।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. (श्रीमती) बघेल ने कहा कि इस वर्ष का जेंडर बजट कुल बजट का लगभग 9.37 प्रतिशत (करीब 5.01 लाख करोड़ रुपए) है। महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए ‘मिशन शक्ति’ को 3,605 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा है कि लखपति दीदी, स्वयं सहायता समूह की वह महिला सदस्य होती हैं, जिनकी वार्षिक घरेलू आय कम-से-कम एक लाख रुपये हो। अब तक दो करोड़ से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और लक्ष्य 2027 तक तीन करोड़ महिला एसएचजी सदस्यों की वार्षिक आय को एक लाख रुपए तक पहुँचाना है। इसका उद्देश्य महिलाओं को उधार पर निर्भर रहकर काम करने के बजाय स्वयं के व्यवसाय की मालिक बनने में सहायता देना है। डॉ. (श्रीमती) बघेल ने कहा कि बजट में महिलाओं के लिए यह नई पहल उनके आर्थिक सशक्तीकरण, उद्यमिता और स्वयं का व्यवसाय चलाने वाली क्षमता को बढ़ाने की दिशा में कदम है।
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