Close Menu
The Bharat TimesThe Bharat Times
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

बिलासपुर आकाशवाणी केंद्र की स्थापना दिवस समारोह 20 मई के अवसर पर-

17/05/2026 - 9:33 AM

बिलासपुर आकाशवाणी केंद्र की स्थापना दिवस समारोह 20 मई के अवसर पर-

17/05/2026 - 9:19 AM

मजाक बना खूनी खेल: गाली देने से रोका तो युवक पर ताबड़तोड़ चाकू हमला, आरोपी गिरफ्तार

13/05/2026 - 6:08 PM
Facebook X (Twitter) Instagram
Sunday, May 17
Facebook X (Twitter) Instagram
The Bharat TimesThe Bharat Times
Demo
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश
  • राजनीति
  • मेरा शहर
The Bharat TimesThe Bharat Times
Home»छत्तीसगढ़»5 जनवरी राष्ट्रीय पक्षी दिवस पर विशेष-
छत्तीसगढ़ बिलासपुर

5 जनवरी राष्ट्रीय पक्षी दिवस पर विशेष-

HD MAHANT bharateditorBy HD MAHANT bharateditor04/01/2025 - 10:39 AM
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

सुरेश सिंह बैस “शाश्वत”- बिलासपुर -पक्षियों का हमारे जीवन में विशेष स्थान रहा है। ये पक्षी अद्भुत हैं, वे विशेष रूप से खतरे में रहने वाले एक विशाल समूह भी हैं। ये हमारे ग्रह के पर्यावरणीय स्वास्थ्य के बैरोमीटर हैं। तथ्य यह है कि अवैध पालतू व्यापार, बीमारी और आवास के नुकसान के कारण बहुत सी पक्षी प्रजातियाँ खतरे में हैं, इसका मतलब है कि पक्षियों की ज़रूरतों के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है।पक्षियों ने हमेशा हमारे दिलों में आकर्षण, प्रेम और आराधना का स्थान रखा है। एक खास तरह का विस्मय होता है जिसे केवल तोतों या‌ कबूतर के झुंड को उड़ते हुए देखने पर ही महसूस किया जा सकता है। दुर्भाग्य से, अधिकांश पक्षी या तो लुप्तप्राय हैं या संरक्षित हैं, यह ज्यादातर पेड़ों के नुकसान या अवैध पालतू व्यापार के कारण है।

पक्षियों को अक्सर अतीत की जीवित कड़ियाँ माना जाता है, क्योंकि वे डायनासोर के विकास से सबसे करीबी रूप से जुड़े हुए हैं। ये पारिस्थितिकी तंत्र में कीस्टोन प्रजातियाँ होती हैं, जो इसके स्वास्थ्य और जीवन शक्ति के प्रतीक हैं। उदाहरण के लिए, कठफोड़वा द्वारा छोड़े गए छेद अक्सर कई अन्य जानवरों के लिए घरों के रूप में उपयोग किए जाते हैं। इसका मतलब है कि अगर कठफोड़वा के पास भोजन का स्रोत खत्म हो गया – या सही प्रकार के पेड़ खत्म हो गए – तो, उनके चोंच मारने के कौशल पर निर्भर सभी भी खत्म हो जाएँगे।राष्ट्रीय पक्षी दिवस यानी नेशनल बर्ड डे हर साल 5 जनवरी को मनाया जाता है। कहा जाता है कि पहली बार बोर्न फ्री यूएसए और एवियन वेलफेयर ने 2002 पक्षी दिवस मनाया था। साल 2023 में यह सिर्फ किसी एक देश में नहीं, बल्कि कई देशों में राष्ट्रीय पक्षी दिवस मनाया जाने लगा। आज के समय में लगभग विश्व का हर देश 5 जनवरी को राष्ट्रीय पक्षी दिवस मनाता है।राष्ट्रीय पक्षी दिवस भले ही अपेक्षाकृत नया हो, जिसकी स्थापना 2002 में हुई थी, लेकिन पक्षियों को जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, वे इनके जगत के लिए कोई नई बात नहीं है। ‌‌‌

दुनिया में पक्षियों की 9,800 से ज्यादा प्रजातियाँ हैं, और जबकि अब आपको शहरों में गौरैया, कौवे, मैना सहित कई पक्षी नहीं देखने को मिलते हैं। इसके अलावे दुनिया भर से पक्षियों के अनेक जातियां विलुप्त हो चुकी है और कुछ विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुके हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि थोड़ा प्रयास और धैर्य से पक्षियों को देखने के बेहतरीन नतीजे नहीं मिलेंगे। राष्ट्रीय पक्षी दिवस पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों के लिए‌ मनाया जाता है। राष्ट्रीय पक्षी दिवस पक्षी गणना के साथ मेल खाने वाला है, जो तीन सप्ताह तक चलता है।

तोता मैना की कहानी तो पुरानी पुरानी हो गई।……दो पंछी दो तिनके देखो लेके चले हैं कहां, ये बनाएंगे एक आशियां…. । पिंजरे के पंछी रे तेरा दर्द न जाने कोय…! जैसे गाने से लेकर उल्लुओं की बुद्धिमत्ता और नाशपाती के पेड़ों में दुनिया के सभी तीतरों तक, पक्षी हमारी संस्कृति में हर जगह मौजूद हैं, और हमें चिंतन करने और प्रेरित होने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। उड़ान महत्वाकांक्षा का एक रूपक है, लेकिन यह अभिमान और उतरने की अनिवार्यता का भी प्रतीक है। पक्षी हमें दुनिया में अपने स्थान के बारे में गंभीरता से सोचने पर मजबूर करते हैं।

पिछले वर्ष राष्ट्रीय पक्षी दिवस 2024 का विषय ‘लड़ाई का अधिकार’ रखा गया। वहीं इस वर्ष 2025 का थीम है, पक्षियों और उनके पर्यावरण की रक्षा करना।इस दिन को मनाने का मकसद यह एक पक्षी की उड़ान का प्रतीक है जो स्वतंत्रता का प्रतिनिधित्व करता है। इस अभियान के साथ, एवियन वेलफेयर गठबंधन एलायंस का इरादा हानिकारक पक्षी व्यापार, क्रूर पक्षी प्रजनन मिलों के वास्तविक कारकों और वर्तमान में कैद में रखे गए पक्षियों की सरकारी सहायता पर काम करने के तरीकों पर जनता का ध्यान आकर्षित करके पक्षियों की पीड़ा को कम करना है। दुनिया की करीब 10,000 पक्षी प्रजातियों में से 1,480 से ज़्यादा विलुप्त होने के खतरे में हैं। 223 प्रजातियां गंभीर रूप से संकटग्रस्त हैं। पक्षियों की संख्या में चौंकाने वाली दर से गिरावट आ रही है। पक्षियों की कई प्रजातियां विलुप्त हो रही हैं।

पक्षियों के अस्तित्व को खतरे में डालने वाले कुछ प्रमुख कारण ये हैं-जलवायु परिवर्तन,आवास विनाश, बढ़ती कृषि भूमि,वाणिज्यिक प्रयोजन,प्रदूषण,जल स्रोतों की कमी, रसायन और कीटनाशक आधारित खेती एवं अवैध शिकार सहित वायु प्रदूषण।पक्षी प्राथमिक पराग और बीज वाहकों में से हैं। यदि हम वनों की कटाई जारी रखते हैं, तो” पक्षी अपना आवास खो देंगे; जिससे प्राकृतिक बीज वितरण तंत्र रुक जाएगा। और यह बदले में, हमारे भोजन चक्र के लिए खतरा पैदा करेगा। इसके अलावा, मांसाहारी पक्षी कीटों और पतंगों के प्राकृतिक दुश्मन हैं, जिन्हें अगर नियंत्रित नहीं किया गया, तो वे न केवल खेतों में फसल को नष्ट कर देंगे, बल्कि भंडारण घरों में भी। कभी सोचा है कि हम बदले में अपना पेट कैसे भरेंगे? इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, पक्षियों के महत्व को समझें !”भारत में हाल ही में हुए एक केस स्टडी में पाया गया है कि गिद्धों की संख्या में भारी गिरावट के कारण रेबीज के मामले बढ़ रहे हैं। और सिर्फ रेबीज ही नहीं। प्रकृति के सफाईकर्मी पक्षी हमारे ग्रह को साफ रखते हैं और बदले में प्लेग, डेंगू, मलेरिया और हैजा जैसी महामारियों को फैलने से रोकते हैं। अब

भी कुछ नहीं बिगड़ा है। अब हमें इन प्यारे मेरे और पर्यावरण रक्षण पंछियों के बारे में निश्चित ही सोचा होगा। अब नहीं सोचेंगे तो देर हो जाएगी। इनके बारे में नहीं तो कम से कम अपने ही अच्छे दिनों को सो करके अब अपने साथ-साथ नाव के इन पंछियों के संसार को बचाने का जतन आज से अभी से अब से शुरू कर दें। वरना वह दिन दूर नहीं जब सारा जगत सारा आकाश सुना हो जाएगा। पंक्षियों का संगीत भरा कलरव कहीं नहीं सुनाई देंगा। आपका आसमान बेजान, निर्जीव और बे आवाज कलरव रहित रह जाएगा।  .                                      ” चल, उड़ जा रे पंछी कि अब ये देस हुआ बेगाना चल, उड़ जा रे पंछी..                             .ख़त्म हुए दिन उस डाली के जिस पर तेरा बसेरा था,                                                     सदा रहा है इस दुनिया में किसका आब-ओ-दाना?                                                  तूने तिनका-तिनका चुनकर नगरी एक बसाई.  बारिश में तेरी भीगी पांखे,                            धूप में गर्मी खाई ग़म ना कर…                      जो तेरी मेहनत तेरे काम ना आई.               अच्छा है कुछ ले जाने से,.                           दे कर ही कुछ जाना चल,.                          उड़ जा रे पंछी कि अब ये देस हुआ बेगाना चल, उड़ जा रे पंछी………!

– सुरेश सिंह बैस “शाश्वत”

HD MAHANT bharateditor
HD MAHANT bharateditor
Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

Related Posts

बिलासपुर आकाशवाणी केंद्र की स्थापना दिवस समारोह 20 मई के अवसर पर-

17/05/2026 - 9:33 AM

बिलासपुर आकाशवाणी केंद्र की स्थापना दिवस समारोह 20 मई के अवसर पर-

17/05/2026 - 9:19 AM

मजाक बना खूनी खेल: गाली देने से रोका तो युवक पर ताबड़तोड़ चाकू हमला, आरोपी गिरफ्तार

13/05/2026 - 6:08 PM

CBSE बोर्ड ने जारी किया 12वीं का परिणाम, छात्र तुरंत करें चेक

13/05/2026 - 3:27 PM

शराब के पैसों से इनकार पड़ा भारी, नुकीले हमलों का आरोपी व्हीलचेयर पर गिरफ्तार

13/05/2026 - 11:15 AM

वट सावित्री : स्त्री की आस्था, संकल्प और अमर शक्ति का पर्व

13/05/2026 - 11:05 AM

Comments are closed.

पोस्ट

बिलासपुर आकाशवाणी केंद्र की स्थापना दिवस समारोह 20 मई के अवसर पर-

17/05/2026 - 9:33 AM

बिलासपुर आकाशवाणी केंद्र की स्थापना दिवस समारोह 20 मई के अवसर पर-

17/05/2026 - 9:19 AM

मजाक बना खूनी खेल: गाली देने से रोका तो युवक पर ताबड़तोड़ चाकू हमला, आरोपी गिरफ्तार

13/05/2026 - 6:08 PM

CBSE बोर्ड ने जारी किया 12वीं का परिणाम, छात्र तुरंत करें चेक

13/05/2026 - 3:27 PM

एच. डी. महंत
मुख्य संपादक

Official Address :
Shop No. 2, Ground Floor, Gokul Apartment, Near Shyam Nagar Chowk, Shyam Nagar, Telibandha Raipur, Chhattisgarh – 492013

Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
UDYAM-CG-33-0000933
May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
« Apr    
© 2026 The Bharat Times. Designed by Nimble Technology.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.