Close Menu
The Bharat TimesThe Bharat Times
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

जजों की रिटायरमेंट उम्र 62 साल होगी या नहीं? सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से मांगा दो हफ्ते में जवाब

19/08/2026 - 11:08 PM

263 पशुपालकों को 2 करोड़ से अधिक का केसीसी लोन, पशुपालन से बढ़ी किसानों की आय

19/08/2026 - 5:50 PM

प्रशिक्षु DSP के गनमैन ने खुद को मारी गोली, हालत खतरे से बाहर

17/08/2026 - 8:36 PM
Facebook X (Twitter) Instagram
Thursday, August 20
Facebook X (Twitter) Instagram
The Bharat TimesThe Bharat Times
Demo
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश
  • राजनीति
  • मेरा शहर
The Bharat TimesThe Bharat Times
Home»आस्था विशेष»प्रथम सावन का महा रहस्य! हर प्राणी-पदार्थ में विराजते हैं सदाशिव, जानिए शिव पुराण दान और स्वाध्याय की दिव्य महिमा
आस्था विशेष

प्रथम सावन का महा रहस्य! हर प्राणी-पदार्थ में विराजते हैं सदाशिव, जानिए शिव पुराण दान और स्वाध्याय की दिव्य महिमा

HD MAHANTBy HD MAHANT30/07/2026 - 9:40 AM
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

श्रावण मास: भक्ति, तप, ज्ञान और शिव कृपा प्राप्ति का सर्वोत्तम अवसर

धर्म डेस्क | 30 जुलाई 2026/ सनातन धर्म में श्रावण मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना गया है। मान्यता है कि इस पवित्र माह में की गई शिव आराधना, रुद्राभिषेक, जप, दान, व्रत और शिव पुराण का श्रवण अथवा स्वाध्याय अनेक जन्मों के पापों का नाश कर शिव कृपा प्रदान करता है। प्रथम सावन का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह साधना, आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक जागरण का शुभारंभ माना जाता है।

शिव पुराण के अनुसार सम्पूर्ण सृष्टि में व्याप्त प्रत्येक प्राणी, प्रत्येक पदार्थ और प्रत्येक चेतना में सदाशिव का ही अंश विद्यमान है। भगवान शिव केवल कैलाश पर्वत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे कण-कण में विद्यमान परम चेतना हैं। यही कारण है कि सभी जीवों में शिव का स्वरूप देखकर सेवा, करुणा, प्रेम और परोपकार का भाव रखना ही सच्ची शिव भक्ति मानी गई है।

प्रथम सावन पर शिव पुराण दान का महत्व

धार्मिक ग्रंथों में शिव पुराण दान को महादान की संज्ञा दी गई है। श्रद्धापूर्वक किसी मंदिर, गुरुकुल, पुस्तकालय, विद्यार्थी, साधक अथवा श्रद्धालु को शिव पुराण भेंट करना ज्ञानदान माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि शिव पुराण का दान करने वाला व्यक्ति स्वयं भी पुण्य का भागी बनता है और जिस घर में यह ग्रंथ पहुंचता है, वहां धर्म, सदाचार, शांति और आध्यात्मिक चेतना का विस्तार होता है।

विद्वानों का मत है कि श्रावण मास में शिव पुराण दान करने से शिव कृपा के साथ-साथ पूर्वजों की तृप्ति, परिवार में सुख-समृद्धि तथा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है। ज्ञान का दान सभी दानों में श्रेष्ठ माना गया है और शिव पुराण उस ज्ञान का स्रोत है जो मनुष्य को धर्म, कर्म और मोक्ष का मार्ग दिखाता है।

See also  Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan:31 मई 2026/आज के दिव्य श्रृंगार में रामलला सरकार के अद्भुत दर्शन

शिव पुराण स्वाध्याय की महिमा

श्रावण मास में प्रतिदिन शिव पुराण का स्वाध्याय करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इसका नियमित अध्ययन व्यक्ति के भीतर भक्ति, वैराग्य, आत्मविश्वास, संयम, धैर्य और सदाचार के संस्कार विकसित करता है। शिव महिमा, सृष्टि रहस्य, ज्योतिर्लिंगों का वर्णन, माता पार्वती का तप, भगवान गणेश और कार्तिकेय की कथाएं तथा धर्म के अनेक सिद्धांत शिव पुराण में विस्तार से वर्णित हैं।

धर्माचार्यों के अनुसार शिव पुराण का अध्ययन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को श्रेष्ठ बनाने का आध्यात्मिक मार्ग है। इसके माध्यम से मनुष्य सत्य, करुणा, क्षमा, सेवा और समर्पण जैसे दिव्य गुणों को अपने जीवन में उतार सकता है।

श्रावण मास में क्या करें?

भगवान शिव का जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक करें।

“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का नियमित जप करें।

शिव पुराण का पाठ या श्रवण करें।

शिव पुराण का दान कर ज्ञान का प्रसार करें।

गौसेवा, अन्नदान, वृक्षारोपण एवं जरूरतमंदों की सहायता करें।

सभी प्राणियों में शिव स्वरूप का दर्शन कर करुणा और सेवा का भाव रखें।

संदेश श्रावण मास केवल पूजा-अर्चना का समय नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, आत्मपरिवर्तन और मानवता की सेवा का भी पावन अवसर है। यदि प्रत्येक व्यक्ति यह भाव अपना ले कि “प्रत्येक प्राणी और प्रत्येक पदार्थ साक्षात सदाशिव स्वरूप हैं,” तो समाज में प्रेम, सद्भाव, करुणा और आध्यात्मिक चेतना का विस्तार स्वतः होने लगेगा। प्रथम सावन पर शिव पुराण का दान, उसका स्वाध्याय और भगवान शिव की आराधना न केवल व्यक्ति के जीवन को आलोकित करती है, बल्कि समाज को भी धर्म, ज्ञान और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

WhatsApp पर शेयर करें
HD MAHANT
Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

Related Posts

Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan:31 मई 2026/आज के दिव्य श्रृंगार में रामलला सरकार के अद्भुत दर्शन

31/05/2026 - 10:03 AM

2 अप्रैल वीर हनुमान प्रकटोत्सव पर विशेष…

31/03/2026 - 5:29 AM
Leave A Reply Cancel Reply

पोस्ट

जजों की रिटायरमेंट उम्र 62 साल होगी या नहीं? सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से मांगा दो हफ्ते में जवाब

19/08/2026 - 11:08 PM

263 पशुपालकों को 2 करोड़ से अधिक का केसीसी लोन, पशुपालन से बढ़ी किसानों की आय

19/08/2026 - 5:50 PM

प्रशिक्षु DSP के गनमैन ने खुद को मारी गोली, हालत खतरे से बाहर

17/08/2026 - 8:36 PM

ऑनलाइन सट्टा ऐप का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार; ₹2 लाख का सामान जब्त

02/08/2026 - 12:58 AM

एच. डी. महंत
मुख्य संपादक

Official Address :
Shop No. 2, Ground Floor, Gokul Apartment, Near Shyam Nagar Chowk, Shyam Nagar, Telibandha Raipur, Chhattisgarh – 492013

Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
UDYAM-CG-33-0000933
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
« Jul    
© 2026 The Bharat Times. Designed by Nimble Technology.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.