Close Menu
The Bharat TimesThe Bharat Times
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

बिलासपुर से गूंजा ST आरक्षण का शंखनाद, राष्ट्रीय बैठक में एकजुट हुआ पनिका समाज

07/09/2026 - 11:35 PM

जन्माष्टमी पर छत्तीसगढ़ी सिनेमा का बड़ा तोहफा: ‘मोर मयारू, तोर मयारू’ ने पहले ही दिन जीता दर्शकों का दिल

04/09/2026 - 11:47 PM

सुसाइड नोट और वीडियो बने सबूत, बहू समेत तीन आरोपी जेल भेजे गए

04/09/2026 - 8:48 AM
Facebook X (Twitter) Instagram
Tuesday, September 8
Facebook X (Twitter) Instagram
The Bharat TimesThe Bharat Times
Demo
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश
  • राजनीति
  • मेरा शहर
The Bharat TimesThe Bharat Times
Home»छत्तीसगढ़»27 मार्च विश्व रंगमंच दिवस:समाज का दर्पण, संवेदना का मंच होता है रंगमंच
छत्तीसगढ़ बिलासपुर लेख....

27 मार्च विश्व रंगमंच दिवस:समाज का दर्पण, संवेदना का मंच होता है रंगमंच

HD MAHANTBy HD MAHANT25/03/2026 - 5:16 AM
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

सुरेश सिंह बैस “शाश्वत“हर वर्ष 27 मार्च को विश्व रंगमंच दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1961 में इंटरनेशनल टीचर्स इंस्टीट्यूट (आईटीआई) द्वारा की गई थी, जो यूनेस्को से संबद्ध है। इस दिवस का उद्देश्य रंगकर्म की शक्ति, सामाजिक भूमिका और सांस्कृतिक संवाद में उसकी केंद्रीयता को रेखांकित करना है। रंगमंच को कह सकते हैं कि यह समाज का जीवंत दर्पण है।जहाँ समय की धड़कन, सत्ता की भाषा, जनता की पीड़ा और परिवर्तन की आकांक्षा एक साथ मंचित होती है।

भारतीय रंगमंच की परंपरा अत्यंत समृद्ध है। संस्कृत नाट्य परंपरा में कालीदास के नाटकों से लेकर लोकनाट्य शैलियों- नौटंकी, तमाशा, यक्षगान, भवाई, छऊ तक, रंगमंच ने विविध भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ा है।आधुनिक युग में हबीब तनवीर और विजय तेंदुलकर जैसे रंगकर्मियों ने सामाजिक यथार्थ और जनसंघर्ष को मंच पर उतारकर रंगमंच को विचार का माध्यम बनाया।रंगमंच की यही विशेषता है- वह समय के प्रश्नों से सीधे संवाद करता है।
इतिहास गवाह है कि जब समाज में अन्याय और असमानता बढ़ी, तब रंगमंच ने प्रतिरोध की आवाज़ बुलंद की।रंगमंच दर्शक को केवल कहानी नहीं सुनाता, बल्कि उसे सोचने, प्रश्न करने और आत्ममंथन करने के लिए प्रेरित करता है।
आज जब डिजिटल माध्यमों का वर्चस्व है, तब भी रंगमंच की प्रासंगिकता कम नहीं हुई। मंच पर अभिनेता और दर्शक के बीच प्रत्यक्ष संवाद एक अद्वितीय अनुभव है, जो किसी स्क्रीन से संभव नहीं।
समकालीन दौर में रंगमंच कई चुनौतियों से जूझ रहा है।आर्थिक संसाधनों की कमी,दर्शकों की घटती संख्या,व्यावसायिकता का दबाव,
डिजिटल मनोरंजन का प्रभाव इनसे छोटे शहरों और कस्बों में रंगमंच को जीवित रखना कठिन होता जा रहा है। फिर भी अनेक युवा रंगकर्मी सीमित साधनों में प्रयोगधर्मी और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रंगकर्म कर रहे हैं।यह जिद और प्रतिबद्धता ही रंगमंच की असली शक्ति है।
विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में नाट्य गतिविधियाँ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, टीमवर्क और संवेदनशीलता विकसित करती हैं।रंगमंच सामाजिक मुद्दों जैसे लैंगिक समानता, पर्यावरण संरक्षण, मानवाधिकार पर जनजागरण का प्रभावी माध्यम बन सकता है।जब कोई नाटक दर्शक को भीतर तक झकझोर देता है, तो वह परिवर्तन की शुरुआत बन सकता है।
ऑनलाइन मंचन, रिकॉर्डेड नाटक और वेब थिएटर ने रंगमंच को नए दर्शक दिए हैं।हालाँकि यह पारंपरिक मंच का विकल्प नहीं, परंतु पूरक माध्यम अवश्य है। तकनीक के साथ संतुलन बनाकर रंगमंच अपनी पहुँच और प्रभाव को बढ़ा सकता है।
विश्व रंगमंच दिवस हमें याद दिलाता है कि कला केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि समाज की चेतना है।जब रंगमंच जीवित रहता है, तो संवाद जीवित रहता है; और जहाँ संवाद है, वहाँ लोकतंत्र और संवेदना भी जीवित रहती है।रंगमंच का संरक्षण केवल कलाकारों का दायित्व नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।यदि हम चाहते हैं कि हमारी संस्कृति जीवंत और विचारशील बनी रहे, तो रंगमंच को समर्थन, सम्मान और मंच तीनों देने होंगे। मंच पर उठता हर परदा हमें यह बताता है कि समाज की कहानी अभी जारी है- और हम सभी उसके पात्र हैं।

See also  बेलगाम ई-रिक्शा से बिगड़ी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था

सुरेश सिंह बैस “शाश्वत”
बिलासपुर छत्तीसगढ़

WhatsApp पर शेयर करें
HD MAHANT
Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

Related Posts

बिलासपुर से गूंजा ST आरक्षण का शंखनाद, राष्ट्रीय बैठक में एकजुट हुआ पनिका समाज

07/09/2026 - 11:35 PM

जन्माष्टमी पर छत्तीसगढ़ी सिनेमा का बड़ा तोहफा: ‘मोर मयारू, तोर मयारू’ ने पहले ही दिन जीता दर्शकों का दिल

04/09/2026 - 11:47 PM

सुसाइड नोट और वीडियो बने सबूत, बहू समेत तीन आरोपी जेल भेजे गए

04/09/2026 - 8:48 AM

वरिष्ठ समाजसेवी चमरु दास महंत को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ललित कुमार मानिकपुरी ने शोकाकुल परिवार को बंधाया ढांढस

04/09/2026 - 7:35 AM

शिक्षा विभाग में हड़कंप! 10 हजार की रिश्वत लेते BEO चंद्र कुमार यारदा गिरफ्तार

02/09/2026 - 11:38 PM

प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के अपात्र हितग्राहियों की सूची जारी

02/09/2026 - 11:06 PM

Comments are closed.

पोस्ट

बिलासपुर से गूंजा ST आरक्षण का शंखनाद, राष्ट्रीय बैठक में एकजुट हुआ पनिका समाज

07/09/2026 - 11:35 PM

जन्माष्टमी पर छत्तीसगढ़ी सिनेमा का बड़ा तोहफा: ‘मोर मयारू, तोर मयारू’ ने पहले ही दिन जीता दर्शकों का दिल

04/09/2026 - 11:47 PM

सुसाइड नोट और वीडियो बने सबूत, बहू समेत तीन आरोपी जेल भेजे गए

04/09/2026 - 8:48 AM

वरिष्ठ समाजसेवी चमरु दास महंत को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ललित कुमार मानिकपुरी ने शोकाकुल परिवार को बंधाया ढांढस

04/09/2026 - 7:35 AM

एच. डी. महंत
मुख्य संपादक

Official Address :
Shop No. 2, Ground Floor, Gokul Apartment, Near Shyam Nagar Chowk, Shyam Nagar, Telibandha Raipur, Chhattisgarh – 492013

Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
UDYAM-CG-33-0000933
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
« Aug    
© 2026 The Bharat Times. Designed by Nimble Technology.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.