बिलासपुर। अंतर्मन का उद्घोष तक का समीक्षा करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉक्टर राघवेंद्र कुमार दुबे राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी ने बताया कि छत्तीसगढ़ की संस्कार धानी एवं साहित्य धानी बिलासपुर की साहित्यिक उर्वरा भूमि की महत्ता है कि यहाँ की समृद्ध साहित्यिक परम्परा के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु माँ शारदे की वरद् पुत्रियां भी सृजनरत हैं इनमें एक नाम है– पत्रकारिता एवं साहित्य ,समाज सेवा में संलग्न सुप्रसिद्ध विचारक,लेखिका और प्रेस क्लब आफ वर्किंग जर्नलिस्ट की राष्ट्रीय महासचिव शशिदीप मुंबई का । जिनके समसामयिक विषयों पर आलेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं । जिनकी प्रकाशित कृतियाँ– “वेव्स विद इन “और “साहित्य शिखा “बहुत प्रशंसित और चर्चित रही हैं । अब प्रकाशन के तृतीय क्रम में इनकी 80 आलेखों का संग्रह ” अंतर्मन का उद्घोष ” में हृदयस्पर्शी एवं समसामयिक विषयों पर केन्द्रित 80 आलेख शामिल हैं । इस अनुपम कृति के प्रकाशन के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूँ ।
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