बायोकेमिस्ट्री विभाग ने छुआ नया मुकाम, अब रोजाना 3500+ टेस्ट की क्षमता
– सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) की सेंट्रल लैब, बायोकेमिस्ट्री विभाग ने आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के बल पर एक नई ऊंचाई हासिल की है। अब यहां प्रतिदिन 3500 से अधिक जांचें सफलतापूर्वक की जा रही हैं, जो पहले की तुलना में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। अत्याधुनिक फुली ऑटो एनालाइजर मशीनों की स्थापना के बाद जांच प्रक्रिया में तेजी और सटीकता दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पहले जहां प्रतिदिन लगभग 2200–2300 टेस्ट किए जाते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 3500–3700 तक पहुंच गई है।
बढ़ती मरीज संख्या के बावजूद जांच सेवाएं अब अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो रही हैं।
ओपीडी और आईपीडी में आने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लैब ने अपनी कार्यप्रणाली को तकनीकी रूप से उन्नत किया है। रिपोर्टिंग सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और कंप्यूटरीकृत बना दिया गया है, जिससे मरीजों को अब तेजी से और अधिक विश्वसनीय रिपोर्ट मिल रही है। साथ ही क्यूआर कोड और बारकोड सुविधा से रिपोर्ट प्राप्त करना भी आसान हो गया है।
टीमवर्क बना सफलता की कुंजी
*चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लक्ष्मण सिंह* के अनुसार, बढ़ती मरीज संख्या के बीच समय पर जांच पूरी करना टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण है। विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष साहू, डॉक्टरों, प्रशिक्षित तकनीशियनों, पीजी छात्रों और अन्य स्टाफ के समन्वित प्रयासों से यह सफलता संभव हो पाई है।
सिकल सेल जांच में भी बड़ी उपलब्धि
सिम्स की लैब में अब सिकल सेल जांच की सुविधा भी बेहतर हो गई है। पहले जहां मरीजों को निजी लैब का सहारा लेना पड़ता था, अब प्रतिदिन 40 से अधिक सिकल सेल मरीजों की जांच यहीं की जा रही है, जबकि कुल मिलाकर लगभग 100 सिकल सेल टेस्ट प्रतिदिन हो रहे हैं।
राज्य में सबसे अधिक जांच का रिकॉर्ड
सिम्स की सेंट्रल लैब ने हाल ही में छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक बायोकेमिस्ट्री जांच करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है। प्रतिमाह 1 लाख से अधिक टेस्ट किए जा रहे हैं, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 1.10 लाख से अधिक रही। लैब में शुगर प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट सहित कई महत्वपूर्ण जांचें तेजी और सटीकता के साथ की जा रही हैं।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की ओर मजबूत कदम
*अधिष्ठाता डॉ. रमेश मूर्ति* ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सिम्स का उद्देश्य केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों को सटीक और समयबद्ध जांच सुविधा उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता है। यह उपलब्धि संस्थान की प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट कार्यशैली को दर्शाती है।
सिम्स की सेंट्रल लैब की यह प्रगति न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक सकारात्मक संकेत है। आने वाले समय में और उन्नत तकनीकों के समावेश से स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और मजबूत होने की उम्मीद है।




