रायपुर में सरकारी योजना के नाम पर बड़ा खेल, कंपनी ऑफिस पर ताला… पीड़ित भर रहे बैंक की EMI
रायपुर, 17 मई 2026/प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के नाम पर रायपुर में लाखों रुपये की कथित ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। “बिजली बिल जीरो” और “सस्ता सोलर प्लांट” का रंगीन सपना दिखाकर एक परिवार से लाखों रुपये वसूल लिए गए, लेकिन महीनों बाद भी उनके घर की छत पर एक भी सोलर पैनल नहीं लगाया गया। उधर बैंक की EMI कटनी शुरू हो गई और इधर कंपनी के दफ्तर पर ताला लटक गया।
कुशल गृह निर्माण समिति रायपुर निवासी मनीषा गोयल और उनके पति हेमंत गोयल ने एसपी रायपुर को लिखित शिकायत देकर ई-सोलर लाइफ कंपनी के संचालक विजेंद्र मिश्रा, कमीशन एजेंट कपिल दीक्षित और कर्मचारी रमन साहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक 17 अक्टूबर 2025 को पीएम सूर्य घर योजना के तहत 6 किलोवाट सोलर सिस्टम के लिए आवेदन किया गया था, जिसे मंजूरी मिलने के बाद भारतीय स्टेट बैंक बुढ़ापारा चौक से 3 लाख 15 हजार रुपये का लोन पास कराया गया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि सुंदर नगर स्थित ई-सोलर लाइफ कंपनी ने करीब 3 लाख 50 हजार रुपये में सोलर प्लांट लगाने की डील फाइनल की। कंपनी के लोग घर पहुंचे, सर्वे किया, बड़े-बड़े वादे किए और फिर शुरू हुआ “लाखों ट्रांसफर कराने का खेल”। शिकायत के अनुसार कमीशन एजेंट कपिल दीक्षित को 35 हजार रुपये नगद दिए गए, जबकि 2 अप्रैल 2026 को बैंक से फाइनेंस की 70 प्रतिशत राशि यानी करीब 2 लाख 20 हजार 500 रुपये सीधे कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए।
आरोप है कि विजेंद्र मिश्रा और उनके सहयोगियों ने एक सप्ताह में सोलर प्लांट लगाने का भरोसा दिया था, लेकिन महीनों बाद भी छत खाली पड़ी है। अब हालत यह है कि बैंक खाते से हर महीने किस्त कट रही है, जबकि कंपनी के जिम्मेदार लोग फोन उठाना तक बंद कर चुके हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि कंपनी का ऑफिस अक्सर बंद मिलता है और कॉल-मैसेज का भी कोई जवाब नहीं दिया जा रहा।
इस पूरे मामले ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। सवाल उठ रहा है कि आखिर सरकारी योजनाओं की आड़ में कब तक आम लोगों की गाढ़ी कमाई पर ऐसे “सोलर स्कैम” होते रहेंगे? क्या बिना जांच-पड़ताल के लोन पास कर फर्जी कंपनियों को करोड़ों की योजनाओं का फायदा पहुंचाया जा रहा है?
पीड़ित परिवार ने एसपी रायपुर, एसबीआई बुढ़ापारा शाखा, CSPDCL और डीडी नगर थाना में शिकायत देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। अब नजर पुलिस के एक्शन पर टिकी है… क्योंकि अगर इस “सोलर घोटाले” पर जल्द शिकंजा नहीं कसा गया, तो ना जाने कितने और परिवार “फ्री बिजली” के रंगीन सपने में अपनी मेहनत की गाढ़ी जमा पूंजी गंवा सकते हैं।






