26 शिफ्ट के बजाय 23-24 शिफ्ट का भुगतान और 24 घंटे ड्यूटी कराने की शिकायत; ऑपरेटरों से बातचीत में भी सामने आई कटौती की बात, ठेकेदार ने आरोपों से किया इनकार
महासमुंद/सरायपाली (बसना)। जिले के सरायपाली संभाग अंतर्गत 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र कुडे़केल में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत नवीन साहू ने ठेकेदार पर वेतन में कथित कटौती, निर्धारित शिफ्ट के अनुरूप भुगतान नहीं करने और लगातार 24 घंटे ड्यूटी कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री से लेकर जिला प्रशासन, श्रम विभाग और विद्युत विभाग के अधिकारियों तक लिखित शिकायत भेजकर जांच एवं न्याय की मांग की है। वहीं, अन्य ऑपरेटरों से दूरभाष पर हुई बातचीत में भी सरायपाली संभाग में हर महीने 500 रुपये की कटौती किए जाने की बात सामने आई है। दूसरी ओर, संबंधित ठेकेदार ने आरोपों से इनकार किया है।
मुख्यमंत्री से लेकर विभागीय अधिकारियों तक शिकायत
शिकायतकर्ता नवीन साहू ने 5 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन, श्रम पदाधिकारी महासमुंद, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी महासमुंद, अधीक्षण यंत्री तथा कार्यपालन अभियंता सरायपाली को लिखित शिकायत भेजी है। इसमें वर्क ऑर्डर की शर्तों और श्रम नियमों के कथित उल्लंघन की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की गई है।
26 शिफ्ट की ड्यूटी, भुगतान 23-24 शिफ्ट का आरोप
नवीन साहू का आरोप है कि वर्क ऑर्डर के अनुसार ऑपरेटरों की ड्यूटी 26 शिफ्ट निर्धारित है, लेकिन उन्हें केवल 23 से 24 शिफ्ट का ही भुगतान किया जा रहा है। इससे शेष शिफ्ट की राशि नहीं मिलने की शिकायत की गई है। उन्होंने ड्यूटी रजिस्टर और वेतन भुगतान के रिकॉर्ड का मिलान कर कथित बकाया राशि दिलाने की मांग की है।
हर महीने ₹500 कटौती की बात ऑपरेटरों ने बताई
वेतन कटौती के मामले में ऑपरेटर भावेश साहू और नवरंगपुर विद्युत उपकेंद्र के ऑपरेटर निराधन पटेल से दूरभाष के माध्यम से चर्चा की गई। बातचीत के दौरान दोनों ने हर महीने 500 रुपये की कटौती होने की बात स्वीकार की।
वहीं, पिथौरा संभाग के ऑपरेटर रतन साहू से भी फोन पर चर्चा की गई। उन्होंने अपने संभाग में वेतन भुगतान की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि वहां ऑपरेटरों को सही वेतन मिल रहा है। साथ ही, उन्होंने सरायपाली संभाग में ऑपरेटरों के वेतन से 500 रुपये की कटौती होने की जानकारी होने की बात कही।
अलग-अलग ऑपरेटरों से हुई बातचीत के बाद सरायपाली संभाग में वेतन कटौती का मामला जांच के दायरे में आता दिखाई दे रहा है। हालांकि, वास्तविक कटौती, उसके कारण और जिम्मेदारी की पुष्टि वेतन पर्ची, बैंक भुगतान विवरण, ड्यूटी रजिस्टर तथा संबंधित विभाग की जांच से होना आवश्यक है।
वेतन मांगने पर ड्यूटी से हटाने का आरोप
शिकायत में नवीन साहू ने आरोप लगाया है कि पूरा वेतन देने की मांग करने के बाद उन्हें कथित रूप से सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना ड्यूटी से हटा दिया गया। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
24 घंटे ड्यूटी और सुविधाओं का मुद्दा
शिकायतकर्ता ने ऑपरेटरों से लगातार 24-24 घंटे ड्यूटी कराए जाने का आरोप भी लगाया है। इसके अलावा, आवश्यक मोबाइल सुविधा उपलब्ध नहीं कराने और ऑपरेटरों का समूह बीमा नहीं कराए जाने जैसे मुद्दे भी उठाए गए हैं। उन्होंने इन सभी बिंदुओं की जांच कर जिम्मेदारी तय करने तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
ठेकेदार ने आरोपों से किया इनकार
मामले में ठेकेदार अविनाश सिंह से दूरभाष पर चर्चा की गई। आरोपों के संबंध में उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा, “सभी ऑपरेटरों से पूछ लीजिए, हम ऐसा नहीं कर सकते।” ठेकेदार ने इस तरह आरोपों से इनकार किया है। ऐसे में शिकायतकर्ता के आरोपों और ठेकेदार के पक्ष की निष्पक्ष जांच के साथ संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण महत्वपूर्ण होगा।
जांच और कार्रवाई पर टिकी नजरें
नवीन साहू ने संबंधित अधिकारियों से निर्धारित शिफ्ट के अनुसार भुगतान सुनिश्चित करने, कथित बकाया राशि दिलाने, वेतन से कम मिली राशि की जांच कराने तथा मोबाइल सुविधा और समूह बीमा से जुड़े मामलों का निराकरण करने की मांग की है।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं। ड्यूटी रजिस्टर, वेतन भुगतान के दस्तावेजों और संबंधित ऑपरेटरों के बयानों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि सरायपाली संभाग में वेतन कटौती किस आधार पर की जा रही है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।





