बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में पुलिस का अब तक का सबसे बड़ा धरपकड़ अभियान उस वक्त सुर्खियों में आ गया जब एक महीने से भी कम समय में 278 आरोपियों को एक साथ दबोच लिया गया और फरार अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह हिला दिया गया, 11 मार्च से 8 अप्रैल 2026 तक चले इस विशेष अभियान में पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में पूरे जिले को जैसे जाल में बदल दिया गया जहां 6 राजपत्रित अधिकारियों और करीब 300 पुलिसकर्मियों की टीम ने चौतरफा घेराबंदी कर आरोपियों को भागने का मौका ही नहीं दिया, हर थाना क्षेत्र में पहले आरोपियों के संभावित ठिकानों की लिस्ट तैयार की गई, फिर तकनीकी इनपुट और साइबर सेल की मदद से लोकेशन ट्रेस की गई और अचानक दबिश देकर एक-एक कर गिरफ्तारी की गई, इस ऑपरेशन में 133 स्थाई वारंट और 107 गिरफ्तारी वारंट तामील किए गए जबकि 38 ऐसे आरोपी भी पकड़े गए जो लंबे समय से फरार चल रहे थे, खास बात यह रही कि पुलिस ने 10 साल पुराने स्थाई वारंटी को भी खोज निकालकर गिरफ्तार किया, इतना ही नहीं कई आरोपी राज्य से बाहर छिपे बैठे थे जिन्हें राजस्थान, नोएडा, कानपुर और जामताड़ा जैसे अलग-अलग राज्यों से तकनीकी ट्रैकिंग के जरिए पकड़कर लाया गया, पलारी क्षेत्र में आत्महत्या के लिए उकसाने वाले आरोपी को कानपुर से गिरफ्तार करना इस ऑपरेशन की बड़ी सफलता मानी जा रही है, पूरे अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह, हेमसागर सिदार, एसडीओपी तारेश साहू, अपूर्वा क्षत्रिय, डीएसपी कौशल किशोर वासनिक और प्रेमलाल साहू के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों ने थाना और चौकी स्तर पर समन्वय बनाकर लगातार छापेमारी की और हर संभावित ठिकाने को खंगाल डाला, संपत्ति अपराध, शारीरिक अपराध, पशु तस्करी और चोरी जैसे मामलों में शामिल आरोपियों को पकड़कर पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि अब कानून से बचना आसान नहीं है, यह ऑपरेशन सिर्फ गिरफ्तारी नहीं बल्कि अपराधियों के लिए सीधी चेतावनी है—भागने की कोई जगह नहीं, कानून की पकड़ हर हाल में पहुंचेगी।


