राजनांदगांव 4 मई 2026 /सुबह की खामोशी में एक वार ऐसा हुआ जिसने सब कुछ खत्म कर दिया—पत्नी जमीन पर गिरी और कहानी यहीं खत्म नहीं हुई बल्कि यहीं से शुरू हुई सनसनी। 04 मई 2026 की सुबह 06:40 बजे कंट्रोल रूम से थाना लालबाग जिला राजनांदगांव को खबर मिलती है कि ग्राम कविराज टोलागांव में एक पति ने अपनी पत्नी की टंगिया से हत्या कर दी है, और इसके बाद पुलिस की रफ्तार कहानी का अगला मोड़ बनती है, थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश पटेल अपनी टीम उप निरीक्षक प्रमोद श्रीवास्तव, एएसआई ए.पी. शीला और स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचते हैं, सूचनाकर्ता राहुल पारधी की रिपोर्ट पर मर्ग क्रमांक 00/2026 धारा 194 BNSS दर्ज होता है, लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, शक सीधे एक ही नाम पर जाकर टिक जाता है—रंजीत पारधी पिता परस पारधी उम्र 38 वर्ष निवासी ग्राम कविराज टोलागांव थाना लालबाग जिला राजनांदगांव, पुलिस बिना देर किए धारा 103(1) BNS के तहत अपराध दर्ज कर दबिश देती है और आरोपी को अभिरक्षा में ले लिया जाता है, अब कहानी का असली ट्विस्ट सामने आता है—करीब 12-13 साल पुरानी शादी, तीन बच्चे और फिर रिश्तों में दरार, पिछले एक साल से पत्नी पूर्णिमा पारधी का अपने ही चचेरे भाई सूरज पारधी के साथ रहना, यही विवाद धीरे-धीरे जहर बनता गया और 04 मई की सुबह उस जहर ने खून का रूप ले लिया, आरोपी अपने टीवीएस मोपेड से गांव के शासकीय शौचालय के पास पहुंचता है जहां पूर्णिमा अकेली होती है और बिना किसी चेतावनी के टंगिया से सिर पर वार कर देता है, एक ही वार सब खत्म कर देता है, गांव में हड़कंप मच जाता है लेकिन पुलिस की तेजी कहानी को मोड़ देती है, आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर हत्या में इस्तेमाल टंगिया, टीवीएस मोपेड और घटना के समय पहने कपड़े जब्त कर लिए जाते हैं, थाना लालबाग में अपराध क्रमांक 181/2026 धारा 103(1) BNS के तहत मामला दर्ज होता है, आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाता है और सीधे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया जाता है, इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी रमेश पटेल, उप निरीक्षक प्रमोद श्रीवास्तव, एएसआई ए.पी. शीला, आरक्षक कमल किशोर यादव, बर्मा प्रसाद घृतलहरे और राकेश धुर्वे की अहम भूमिका रहती है, बहरहाल यह कहानी सिर्फ एक हत्या नहीं बल्कि उस आग की कहानी है जो रिश्तों में सुलगती है और जब भड़कती है तो सीधा अंजाम मौत और सलाखों तक पहुंचता है।






