राजस्थान/राजसमंद राजसमंद में बढ़ते सड़क हादसों और वायु प्रदूषण की समस्या को देखते हुए अब मिनरल्स, बजरी और मार्बल स्लरी का ढके बिना परिवहन नहीं हो सकेगा। इस दिशा में जिला परिवहन अधिकारी अभिजीत सांखला के तत्वावधान में राजसमंद ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन एवं राष्ट्रीय पर्यावरण एवं खनिज संरक्षण मंच की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीनारायण आमेटा एवं जिला अध्यक्ष सीए दिनेश चंद्र सनाढ्य ने बताया कि बिना तिरपाल ढंके ट्रकों से उड़ता मार्बल पाउडर और स्लरी जहां एक ओर वायु प्रदूषण फैला रहा है, वहीं दोपहिया चालकों के लिए यह हादसों की बड़ी वजह बन चुका है। यदि ऐसे ट्रकों को ढककर परिवहन कराया जाए तो सड़क हादसों में 20% तक की कमी लाई जा सकती है।
डॉ.आमेटा ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल, सड़क एवं परिवहन प्रमुख सचिव जयपुर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी उदयपुर एवं जिला परिवहन अधिकारी राजसमंद को पत्र भी प्रेषित किया गया, जिसके बाद यह बैठक बुलाई गई।बैठक में तीन अहम बिंदुओं पर सर्वसम्मति बनी:
1. मार्बल स्लरी, बजरी व उड़ने वाले मिनरल्स के ट्रांसपोर्टेशन पर तिरपाल अनिवार्य होगा।
2. ट्रक-ट्रेलर में पीछे लकड़ी या लोहे का फंटा पूरा होना जरूरी होगा।
3. ट्रक की बॉडी के ऊपर या बाहर कोई मिनरल सामग्री नहीं लटकाई जाएगी।
एसोसिएशन अध्यक्ष श्याम काबरा ने इन बिंदुओं पर सहमति जताते हुए कहा कि बिना तिरपाल के किसी ट्रक की बिल्टी नहीं बनाई जाएगी और नियमों की अवहेलना पर संबंधित ट्रक पर कार्रवाई की जाएगी।जिला परिवहन अधिकारी अभिजीत सांखला ने जनहित के इस कदम के लिए मंच के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इससे प्रदूषण व दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी।
इस बैठक में समाजसेवी किशोर कोठारी, महामंत्री हिम्मत सिंह राठौड़, संगठन मंत्री सत्यनारायण पालीवाल, जीतू भाई, पुष्पेंद्र जैन, प्रकाश चंद्र जैन सहित कई पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।

