छत्तीसगढ़

6 खूंखार नक्सली पकड़ाए, एके-47 और जिंदा कारतूस जब्त:झारखंड से भागकर जशपुर में छिपे थे, बलरामपुर पुलिस के साथ की संयुक्त कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस ने बुधवार को झारखंड के एरिया कमांडर समेत 6 खूंखार नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से एके-47, जिंदा कारतूस, नक्सली ड्रेस और अन्य सामग्री बरामद किया है। झारखंड से भागकर जशपुर में मजदूर बनकर छुपे थे।

पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर जशपुर और बलरामपुर जिले की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की है। फिलहाल पुलिस सरगुजा संभाग में सर्चिंग अभियान चला रही है।

एके-47, जिंदा कारतूस, नक्सली ड्रेस और अन्य सामग्री बरामद।
एके-47, जिंदा कारतूस, नक्सली ड्रेस और अन्य सामग्री बरामद।

झारखंड पुलिस से मिली थी सूचना

सरगुजा रेंज के आईजी अंकित गर्ग ने कहा कि झारखंड पुलिस ने बुधवार की सुबह सूचना दी कि प्रतिबंधित नक्सली संगठन जेजेएमपी का प्रमुख टुनेश लकड़ा उर्फ रवि अपने साथियों के साथ जशपुर जिले में छिपा हुआ है। इन नक्सलियों के पास घातक हथियार है।

करमा गांव में दबिश देकर पकड़ा

पुलिस की टीम ने नारायणपुर थाना क्षेत्र के करमा गांव में दबिश देकर झारखंड के गढ़िया निवासी नक्सली राम लकड़ा (40), ओरगी निवासी रंजीत महतो, टिकैतबंध निवासी हेरमन कुमार गन्नुम, ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के बनडेगा निवासी गुलाम शहजादा (21 वर्ष) को पकड़ा।

गिरफ्तारी के बाद प्रेस कॉंफ्रेंस करते हुए आईजी अंकित गर्ग।
गिरफ्तारी के बाद प्रेस कॉंफ्रेंस करते हुए आईजी अंकित गर्ग।

मजदूर बनकर रह रहे थे नक्सली

पुलिस के अनुसार, ये सभी नक्सली हैं, जो झारखंड पुलिस से बचने के लिए यहां मजदूर बनकर रह रहे थे। इसके बाद कुनकुरी में मोहम्मद सद्दाम के मकान में छापेमारी कर तब्बसुम अहमद और टुनेश लकड़ा को गिरफ्तार किया गया।

बलरामपुर-गढ़वा में सक्रिय था टुनेश, 31 मामले दर्ज

जेजेएमपी का सरगना टुनेश लकड़ा उर्फ रवि छत्तीसगढ़ के बलरामपुर और झारखंड के गढ़वा जिले के सीमा क्षेत्र में सक्रिय था। इसके खिलाफ बलरामपुर में 13 और गढ़वा में 18 अपराध दर्ज हैं। 13 मई 2012 को भी इसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जमानत पर बाहर आ गया था।

जेल में टुनेश के संपर्क में आया था​​​​​​ तब्बसुम

आरोपी तब्बसुम अहमद (27) झारखंड के पलामू जिले के नेवरी गांव का निवासी है। वह चोरी के एक प्रकरण में अंबिकापुर जेल में बंद था। जेल में ही नक्सली टुनेश के संपर्क में आया था। तब्बसुम अहमद ने ही टुनेश को कुनकुरी के अपने किराए के मकान में शरण दिया था।

तीन राज्यों की पुलिस रणनीति पर कर रही काम

सरगुजा रेंज के आईजी अंकित गर्ग ने कहा कि नक्सल मुक्त हो चुके जशपुर जिले को दोबारा किसी भी कीमत में नक्सल समस्या की चपेट में नहीं आने दिया जाएगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ पुलिस पड़ोसी राज्य ओडिशा और झारखंड की पुलिस के साथ साझा रणनीति के साथ काम कर रही है।

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