बिलासपुर 4 मई 2026 / गुमशुदगी के अंधेरे में खोई 648 जिंदगियां जब एक-एक कर अपने घर लौटीं तो आंसुओं के साथ मुस्कान भी लौट आई और यही बना बिलासपुर पुलिस का सबसे बड़ा ऑपरेशन। अप्रैल 2026 की शुरुआत होते ही पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर के निर्देश पर जिले में ऑपरेशन मुस्कान और ऑपरेशन तलाश शुरू हुआ और देखते ही देखते यह अभियान सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं बल्कि जिंदगियां जोड़ने का मिशन बन गया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने खुद हर केस की समीक्षा की और राजपत्रित अधिकारियों व थाना प्रभारियों को साफ निर्देश दिए कि हर गुमशुदा को ढूंढना है, चाहे वह जिले में हो या राज्य से बाहर, टीमों ने तकनीकी मदद और मुखबिर नेटवर्क को मजबूत किया और सुराग मिलने लगे कि कई बच्चे और महिलाएं दूसरे राज्यों में हैं, इसके बाद अलग-अलग टीमें देशभर में रवाना हुईं और महाराष्ट्र से 2 बालिकाएं और उड़ीसा से 1 बालिका को दस्तयाब किया गया, वहीं राज्य के भीतर लगातार सर्च ऑपरेशन चलाकर 66 बालक/बालिकाओं और 579 महिला व पुरुषों को ढूंढ निकाला गया, आंकड़े जब सामने आए तो तस्वीर और बड़ी दिखी—01 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच कुल 69 अपहृत बालक/बालिकाएं जिनमें 11 बालक और 58 बालिकाएं शामिल हैं और 579 अपहृत महिला व पुरुष जिनमें 430 महिलाएं और 149 पुरुष शामिल हैं, सभी को सुरक्षित बरामद कर उनके परिजनों से मिलाया गया, कई घरों में जहां उम्मीद खत्म हो चुकी थी वहां अचानक दरवाजा खुला और अपनों की वापसी ने माहौल बदल दिया, यही वजह रही कि लोगों ने बिलासपुर पुलिस को दिल से धन्यवाद कहा, इस शानदार प्रदर्शन पर एसएसपी रजनेश सिंह ने पूरी टीम की सराहना की और नतीजा यह रहा कि ऑपरेशन मुस्कान में 69 बच्चों की दस्तयाबी के साथ बिलासपुर जिला पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर रहा जबकि ऑपरेशन तलाश में 579 महिला और पुरुषों की बरामदगी के साथ द्वितीय स्थान हासिल किया, बहरहाल यह ऑपरेशन साबित करता है कि जब पुलिस ठान ले तो खोई हुई जिंदगियां भी वापस लाई जा सकती हैं और उम्मीद कभी खत्म नहीं होती।







