धमतरी 27 मई 2026/ “मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले तीन दरिंदों को अदालत ने ऐसा सबक सिखाया कि पूरे जिले में खौफ फैल गया, धमतरी पुलिस की तगड़ी विवेचना और कोर्ट में मजबूत पैरवी ने तीन अलग-अलग पॉक्सो मामलों में आरोपियों को सीधे 20-20 साल के सश्रम कारावास तक पहुंचा दिया।” धमतरी जिले में महिला और बाल अपराधों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अब सिर्फ दावा नहीं, बल्कि अदालत के फैसलों में साफ दिखाई देने लगी है। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार की लगातार मॉनिटरिंग और सख्त निर्देशों के बीच थाना अर्जुनी, भखारा और सिहावा के तीन चर्चित मामलों में न्यायालय ने दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को 20-20 वर्ष की कठोर सजा और 3000-3000 रुपये अर्थदंड सुनाया। थाना अर्जुनी के अपराध क्रमांक 113/2025 में ग्राम दोनर निवासी 24 वर्षीय तोरण लाल जोशी को धारा 64(2)(5), 65(1) बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी पाया गया। वहीं थाना भखारा के अपराध क्रमांक 87/2025 में ग्राम गुहेली निवासी 21 वर्षीय सागर उर्फ करण साहू को धारा 137(2), 87, 64(1) बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 के तहत सजा मिली। इसी तरह थाना सिहावा के अपराध क्रमांक 46/2025 में ग्राम भंडारवाड़ी निवासी 21 वर्षीय नरेंद्र कुमार मंडावी को भी अदालत ने कठोर कारावास से दंडित किया। इन तीनों मामलों की जांच निरीक्षक प्रमोद अमलतास, उप निरीक्षक कपिश्वर पुष्पकार और सउनि दुलाल नाथ ने बेहद पेशेवर तरीके से की। वैज्ञानिक साक्ष्य, पीड़िताओं के मजबूत बयान और तकनीकी तथ्यों को अदालत में इतने प्रभावी ढंग से रखा गया कि आरोपी बच नहीं सके। धमतरी पुलिस के मुताबिक वर्ष 2026 में अब तक पॉक्सो एक्ट के 09 मामलों में अदालत सख्त फैसला सुना चुकी है। बहरहाल, धमतरी में यह संदेश साफ है—मासूमों पर बुरी नजर डालने वालों के लिए अब जेल की सलाखें ही अंतिम मंजिल बनने लगी हैं।





