
सुरेश सिंह बैस/बिलासपुर। जिले के 65 में से 38 राजस्व निरीक्षकों के तबादले में चहेतों को अभयदान देने का परत-दर-परत खुलासा होने लगा है। तहसील कार्यालय में करीब 10 साल से दो आरआई पदस्थ हैं। इस ट्रांसफर सूची में नाम नहीं होने के सवाल पर एक दैनिक समाचार पत्र को दिए बयान के अनुसार तहसीलदार अतुल वैष्णव ने माना कि दोनों लंबे समय से यहां पदस्थ हैं। साथ ही सफाई देते हुए यह भी कहा कि दोनों की पोस्टिंग स्थापना शाखा में हुई है। इसलिए दोनों का नाम नहीं भेजा गया है। बता दें कि एक मार्च को कलेक्टर अवनीश शरण की ओर से जारी आदेश में जिले के 38 राजस्व निरीक्षकों का ट्रांसफर किया गया। निर्देश दिया गया था कि वे नवीन पदस्थापना स्थान पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करें। निर्धारित समयावधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अचानक मिले आदेश और अपने स्थानांतरण की जानकारी मिलते ही राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। आरआई की तबादला सूची बनाने वाले राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली अब खुलकर सामने आने लगी है। दरअसल, तहसील कार्यालय में राजस्व निरीक्षक संजय कौशिक और मधुलता साहू शहरी क्षेत्र में 7 से 10 साल से जमे हुए हैं। राजस्व निरीक्षक अश्वनी देवांगन नजूल में इतने ही साल से शहरी क्षेत्र में कार्यरत हैं। तबादला सूची में इनमें से किसी का नाम नहीं है। यानी कि अफसरों ने इन्हें बख्श दिया है।





