बिलासपुर के दलदली से उठी एक शादी की खुशबू ने पूरे इलाके को उत्सव में बदल दिया, जहां मानिकपुरी परिवार के शुभ अवसर पर आयोजित विवाह समारोह में रिश्तों की गर्माहट, परंपराओं की चमक और अपनेपन की झलक साफ दिखाई दी, विनय और अंजली के विवाह बंधन में बंधने के इस खास मौके पर गांव से लेकर शहर तक के लोग एक साथ नजर आए, कार्यक्रम में सूरज मानिकपुरी, भानू भाई और राजेश मानिकपुरी भी विशेष रूप से शामिल हुए और नवदंपत्ति को आशीर्वाद देकर खुशियों में चार चांद लगा दिए, शादी के पारंपरिक कार्यक्रमों की शुरुआत मंडपाच्छादन, तेल और चूलमाटी जैसे रीति-रिवाजों से हुई, इसके बाद देवपूजन और हरिदीलोचन की रस्मों ने माहौल को पूरी तरह धार्मिक और सांस्कृतिक रंग में रंग दिया, 20 अप्रैल 2026 को बारात प्रस्थान और विवाह के शुभ मुहूर्त ने पूरे आयोजन को चरम पर पहुंचाया, जहां ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और पारंपरिक गीतों के बीच बारात निकली और पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया, इस दौरान परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और समाज के लोगों की भारी उपस्थिति ने इस शादी को सिर्फ एक पारिवारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक मिलन का रूप दे दिया, हर चेहरे पर मुस्कान थी, हर हाथ आशीर्वाद के लिए उठा था और हर पल यादगार बनता चला गया, आयोजन में पारंपरिक सजावट, सांस्कृतिक झलक और आपसी भाईचारे ने यह साबित किया कि आज भी गांवों में रिश्तों की असली ताकत जिंदा है, मानिकपुरी परिवार द्वारा दिए गए स्नेहिल आमंत्रण ने इस शादी को और खास बना दिया, जहां हर मेहमान खुद को परिवार का हिस्सा महसूस करता नजर आया—यह शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं बल्कि पूरे समाज के दिलों को जोड़ने वाला उत्सव बन गई, जो लंबे समय तक यादों में जिंदा रहेगा।



