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पत्रकार एकता की हुंकार: जिंदाबाद नारे के साथ शासन प्रशासन को चेतावनी

रायपुर////  2 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में होने वाले ऐतिहासिक आंदोलन में पत्रकार एकता के जिंदाबाद नारे को शासन प्रशासन तक पहुंचाने के लिए पत्रकार साथी एकजुट हो रहे हैं। यह आंदोलन पत्रकारों के अधिकारों की लड़ाई के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, और इसमें भाग लेने वाले पत्रकारों की एकता और संघर्ष को दर्शाएगा।

आंदोलन का उद्देश्य

छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन रायपुर के प्रदेश अध्यक्ष अमित गौतम ने आग्रह किया है कि सभी पत्रकार अपने हक और अधिकार के लिए इस आंदोलन में शिरकत करें और सरकार को अपनी एकता और ताकत का अंदाजा कराएं। यह आंदोलन पत्रकारों के अधिकारों की लड़ाई के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, और इसमें भाग लेने वाले पत्रकारों की एकता और संघर्ष को दर्शाएगा।

आंदोलन के मुख्य बिंदु:

– पत्रकार एकता का प्रदर्शन
– शासन प्रशासन को चेतावनी
– पत्रकारों के अधिकारों की लड़ाई
– 2 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में आंदोलन
– पत्रकारों की एकता और संघर्ष का प्रदर्शन
– सरकार को पत्रकारों की ताकत का अंदाजा कराना
– पत्रकारों के हक और अधिकार की रक्षा

आंदोलन में शामिल होने का महत्व

अमित गौतम ने कहा है कि अगर आप एक दिन इस आंदोलन को नहीं दे सकते तो निश्चित तौर पर मानिए कि आप अपने और अपने परिवार के साथ धोखा कर रहे हैं। इसलिए, सभी पत्रकारों से आग्रह है कि वे अपने हक और अधिकार के लिए इस आंदोलन में शिरकत करें और सरकार को अपनी एकता और ताकत का अंदाजा कराएं।

आंदोलन की तैयारी

इस आंदोलन के लिए विशेष तौर पर एक ग्रुप बनाया गया है, जिसमें 2 अक्टूबर के आंदोलन से जुड़े विषयों पर ही बातचीत की जाएगी। सभी पत्रकारों से आग्रह है कि वे इस ग्रुप को बख्श दें और अन्य समाचारों के लिए अन्य ग्रुपों का उपयोग करें।

आंदोलन का संदेश

यह आंदोलन पत्रकारों की एकता और संघर्ष का प्रदर्शन करेगा और सरकार को यह बताएगा कि पत्रकार अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए तैयार हैं। आइए, इस आंदोलन में शामिल होकर पत्रकारिता की ताकत को दर्शाएं!

अमित गौतम
प्रदेश अध्यक्ष
छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन रायपुर

आंदोलन की घोषणा

छत्तीसगढ़ के सभी पत्रकारों को 2 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में होने वाले आंदोलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित हैं।

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