छत्तीसगढ़बिलासपुर

दुर्लभ रैटल मरवाही के जंगल में नजर आया वन विभाग ने की संरक्षण की कवायद

बिलासपुर।मरवाही वनमंडल के जंगलों में एक दुर्लभवन्यजीव हनी बैजर (रैटल) नजर आया है। कुछ साल पहले भी इस प्रजाति को देखा गया था, लेकिन इस बार जोड़े में अठखेलियां करते हुए इसकी तस्वीर ग्रामीणों ने मोबाइल में कैद की। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रजाति भारत में सीमित क्षेत्रों में ही पाई जाती है और काफी दुर्लभ मानी जाती है। ग्रामीणों और वन अधिकारियों के बीच यह उत्सुकता और कौतुहल का विषय बन गया है। वन विभाग ने क्षेत्र में संतत निगरानी और संरक्षण की व्यवस्था तेज कर दी है।रैटल मरवाही रेंज के उसाड़ गांव में नजर आया है, जिसे ग्रामीणों ने प्रत्यक्ष देखा। उन्होंने बाकायदा वीडियो भी बनाया। इधर सूचना मिलने के बाद विभाग अलर्ट हो गया है और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। विभाग द्वारा आसपास के इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है, ताकि हनी बैजर को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचे। ग्रामीणों से अपील भी की गई है कि वे हनी बैजर के पास न जाएं और न ही किसी प्रकार की छेड़छाड़ करें। यह कोई साधारण जानवर नहीं, बल्कि दुर्लभ प्रजाति के वन्यजीव हैं। ग्रामीणों ने इस अनोखे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया और देखते ही देखते इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो गया। स्थानीय ग्रामीणों ने विभाग को जानकारी दी कि दोनों शांत जरूर थे, लेकिन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे थे। मालूम हो कि हनी बैजर अपनी असाधारण बहादुरी, आक्रामक स्वभाव और मजबूत त्वचा के लिए जाना जाता है। यह मधुमक्खियों के छत्तों से शहद निकालकर खाने की आदत के कारण हनी बैजर कहलाता है। यह रात में सक्रिय रहता है और घने जंगल झाड़ियां और खुले इलाकों में पाया जाता है।

ग्रामीणों को देख झाड़ियों में छिपा रैटल

उसाड़ ग्राम में ग्रामीणों ने जब रैटल को देखा तो एक ने मोबाइल निकालकर वीडियो कैद कर लिया। जैसे-जैसे वह नजदीक जाने का प्रयास किया, रेटल झाड़ियों के पीछे छिप गए। हालांकि बाद में सूचना मिलने के बाद वन अमला मौके पर पहुंच गया।

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