बिलासपुर 6 मार्च 2026/प्रदेश के राज्यपाल ने गुरुवार को शहर प्रवास के दौरान धार्मिक और वनांचल क्षेत्र का दौरा किया। रतनपुर पहुंचकर उन्होंने मां महामाया मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनता के कल्याण की कामना की। इसके बाद राज्यपाल ने मुंगेली जिले के प्रसिद्ध अचानकमार टाइगर रिजर्व का दौरा कर जंगल सफारी का आनंद लिया और वन्यजीव संरक्षण की जरूरत पर जोर दिया।
मां महामाया से मांगी प्रदेश की खुशहाली
रतनपुर स्थित माँ महामाया मंदिर में राज्यपाल ने पूरे विधि-विधान से पूजा और आरती की। मंदिर परिसर में मंदिर समिति के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान नगर पालिका परिषद अध्यक्ष लवकुश कश्यप, कलेक्टर संजय अग्रवाल एसएसपी रजनेश सिंह सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
अचानकमार में जंगल सफारी, प्रकृति की सराहना
मंदिर दर्शन के बाद राज्यपाल अचानकमार टाइगर रिजर्व पहुंचे, जहां उन्होंने जंगल सफारी के दौरान वनांचल की प्राकृतिक सुंदरता का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से वन्यजीव संरक्षण के लिए बेहतर प्रबंधन और सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया।
जनजातीय कला और हस्तशिल्प की प्रशंसा
दौरे के दौरान राज्यपाल ने बैगा और गोंड जनजाति की पारंपरिक ट्राइबल पेंटिंग्स और स्थानीय हस्तशिल्प को सराहा। आदिवासी अंचल की महिलाओं द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों की भी उन्होंने प्रशंसा की।
वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन के निर्देश
राज्यपाल ने सिहावल क्षेत्र में वन्य प्राणी संरक्षण को मजबूत करने के लिए आवश्यक सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही जंगली हाथियों के प्रशिक्षण और प्रबंधन को लेकर भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि यह क्षेत्र हिरण, हाथी और टाइगर सहित कई वन्य प्राणियों के विचरण का प्रमुख क्षेत्र है। सिहावल क्षेत्र को मनियारी नदी का उद्गम स्थल भी माना जाता है।
स्मृति चिन्ह से सम्मान
मुंगेली कलेक्टर कुन्दन कुमार ने राज्यपाल को जनजातीय कला पर आधारित स्मृति चिन्ह और प्राकृतिक कोसे से निर्मित शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर फील्ड डायरेक्टर अभिषेक सिंह, एडीसी ओम भविष्यकर, एसएसपी भोजराम पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



