Close Menu
The Bharat TimesThe Bharat Times
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

263 पशुपालकों को 2 करोड़ से अधिक का केसीसी लोन, पशुपालन से बढ़ी किसानों की आय

19/08/2026 - 5:50 PM

प्रशिक्षु DSP के गनमैन ने खुद को मारी गोली, हालत खतरे से बाहर

17/08/2026 - 8:36 PM

ऑनलाइन सट्टा ऐप का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार; ₹2 लाख का सामान जब्त

02/08/2026 - 12:58 AM
Facebook X (Twitter) Instagram
Wednesday, August 19
Facebook X (Twitter) Instagram
The Bharat TimesThe Bharat Times
Demo
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश
  • राजनीति
  • मेरा शहर
The Bharat TimesThe Bharat Times
Home»छत्तीसगढ़»1 मई: गौतम बुद्ध जयंती पर विशेष
छत्तीसगढ़ बिलासपुर विशेष लेख

1 मई: गौतम बुद्ध जयंती पर विशेष

HD MAHANTBy HD MAHANT01/05/2026 - 10:41 AM
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

मानवता को ‘मध्यम मार्ग’ का संदेश देने वाले महात्मा बुद्ध

– सुरेश सिंह बैस “शाश्वत”बिलासपुर, छत्तीसगढ़

गौतम बुद्ध, जिनका प्रारंभिक नाम सिद्धार्थ गौतम था, विश्व इतिहास के उन महानतम व्यक्तित्वों में गिने जाते हैं जिन्होंने मानव जीवन को दुःख से मुक्ति दिलाने का व्यावहारिक मार्ग बताया। उनका जन्म ईसा पूर्व 563 (कुछ मतों के अनुसार 570 ईसा पूर्व) में लुम्बिनी (वर्तमान नेपाल) में हुआ था। वे कपिलवस्तु के शाक्य कुल के राजा शुद्धोधन के पुत्र थे तथा उनकी माता महामाया थीं। जन्म के सात दिन बाद ही उनकी माता का देहांत हो गया, जिसके बाद उनका पालन-पोषण उनकी मौसी महाप्रजापति गौतमी ने किया।
बाल्यकाल से ही सिद्धार्थ गंभीर, संवेदनशील और चिंतनशील प्रवृत्ति के थे। सांसारिक सुख-सुविधाओं के बीच रहते हुए भी उनका मन जीवन के गूढ़ प्रश्नों में उलझा रहता था। उनके पिता ने उन्हें सांसारिक जीवन में बाँधने के उद्देश्य से उनका विवाह यशोधरा से कर दिया, जिनसे उन्हें एक पुत्र राहुल प्राप्त हुआ। किन्तु विधाता को कुछ और ही मंजूर था। एक दिन उन्होंने जीवन के चार यथार्थ दृश्यों—वृद्ध, रोगी, मृत व्यक्ति और एक संन्यासी—को देखा। ये घटनाएँ “चार महान संकेत” के रूप में प्रसिद्ध हैं। इन दृश्यों ने उनके मन को गहराई से झकझोर दिया और उन्हें यह अनुभव हुआ कि जीवन क्षणभंगुर है तथा दुःख से भरा हुआ है। सत्य की खोज के लिए उन्होंने 29 वर्ष की आयु में राजमहल, पत्नी और पुत्र का त्याग कर दिया। इस घटना को “महाभिनिष्क्रमण” कहा जाता है।
सत्य की खोज में उन्होंने कठोर तपस्या और साधना का मार्ग अपनाया। उन्होंने उरुवेला (वर्तमान बोधगया) में कई वर्षों तक घोर तप किया, किंतु उन्हें अपेक्षित ज्ञान प्राप्त नहीं हुआ। तब उन्होंने यह अनुभव किया कि न तो अत्यधिक भोग-विलास और न ही अत्यधिक तपस्या—दोनों ही मार्ग उचित हैं। यहीं से उन्होंने “मध्यम मार्ग” का सिद्धांत प्रतिपादित किया।
इसके पश्चात वे बोधगया में एक पीपल वृक्ष (बोधिवृक्ष) के नीचे ध्यानस्थ हुए। गहन साधना के बाद वैशाख पूर्णिमा की रात्रि में उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई और वे “बुद्ध” अर्थात “जागृत” कहलाए।
ज्ञान प्राप्ति के बाद बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश सारनाथ में दिया, जिसे “धर्मचक्र प्रवर्तन” कहा जाता है। उन्होंने अपने उपदेशों के माध्यम से मानव जीवन के दुःखों से मुक्ति का मार्ग बताया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।

See also  फिल्म के प्रमोटर अजय शर्मा ने आमजन से की "भक्त मां कर्मा" देखने की मार्मिक अपील

बुद्ध के उपदेशों का आधार “चार आर्य सत्य” हैं—

संसार दुःखमय है।

दुःख का कारण तृष्णा (इच्छाएँ) है।
दुःख का निवारण संभव है।

दुःख निवारण का मार्ग अष्टांगिक मार्ग है।

अष्टांगिक मार्ग में सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्प, सम्यक वचन, सम्यक कर्म, सम्यक आजीविका, सम्यक प्रयास, सम्यक स्मृति और सम्यक समाधि शामिल हैं। यह मार्ग मनुष्य को संयम, संतुलन और सदाचार की ओर ले जाता है। बुद्ध ने “निर्वाण” को जीवन का परम लक्ष्य बताया, जिसका अर्थ है जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति। उन्होंने कर्म के सिद्धांत को स्वीकार करते हुए कहा कि मनुष्य अपने कर्मों का ही फल भोगता है। इसलिए सद्कर्म और नैतिक आचरण पर विशेष बल दिया।
अहिंसा, करुणा और मैत्री उनके दर्शन के मूल स्तंभ हैं। उन्होंने कहा—“किसी भी प्राणी को कष्ट न पहुँचाओ, सभी जीवों से प्रेम करो।” उन्होंने जाति-पांति, ऊँच-नीच और अंधविश्वास का विरोध करते हुए समानता और मानवता का संदेश दिया। महात्मा बुद्ध ने अपने अनुयायियों के लिए “दशशील” (दस आचार नियम) भी निर्धारित किए, जिनमें सत्य बोलना, अहिंसा का पालन करना, चोरी न करना, संयमित जीवन जीना और नशीले पदार्थों से दूर रहना प्रमुख हैं।
80 वर्ष की आयु में कुशीनगर में उनका महापरिनिर्वाण हुआ। उनके विचारों और शिक्षाओं ने न केवल भारत, बल्कि समस्त विश्व को प्रभावित किया। आज बौद्ध धर्म एशिया के अनेक देशों में व्यापक रूप से प्रचलित है और शांति, सहिष्णुता तथा मानवता का संदेश देता है।
वास्तव में, गौतम बुद्ध का “मध्यम मार्ग” आज के भौतिकवादी और तनावपूर्ण जीवन में भी उतना ही प्रासंगिक है। उनका संदेश हमें सिखाता है कि संतुलन, संयम और करुणा के माध्यम से ही सच्चे सुख और शांति की प्राप्ति संभव है। गौतम बुद्ध केवल एक धर्म प्रवर्तक नहीं, बल्कि मानवता के महान मार्गदर्शक थे, जिनकी शिक्षाएँ युगों-युगों तक मानव जीवन को आलोकित करती रहेंगी।

WhatsApp पर शेयर करें
HD MAHANT
Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

Related Posts

263 पशुपालकों को 2 करोड़ से अधिक का केसीसी लोन, पशुपालन से बढ़ी किसानों की आय

19/08/2026 - 5:50 PM

प्रशिक्षु DSP के गनमैन ने खुद को मारी गोली, हालत खतरे से बाहर

17/08/2026 - 8:36 PM

ऑनलाइन सट्टा ऐप का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार; ₹2 लाख का सामान जब्त

02/08/2026 - 12:58 AM

रायपुर में स्केटिंग का महाकुंभ: CBSE पूर्व क्षेत्रीय प्रतियोगिता आज से, 290 स्कूलों के 1200 खिलाड़ी दिखाएंगे दम

30/07/2026 - 9:01 PM

40 साल से नहीं टूटा एक वादा! बिलासपुर के चुट्टू अवस्थी बने छत्तीसगढ़ के असली ‘संजू बाबा’

29/07/2026 - 11:52 AM

शोकाकुल परिवार के बीच पहुंचे डॉ. ललित मानिकपुरी, निभाया सामाजिक दायित्व

27/07/2026 - 1:25 AM

Comments are closed.

पोस्ट

263 पशुपालकों को 2 करोड़ से अधिक का केसीसी लोन, पशुपालन से बढ़ी किसानों की आय

19/08/2026 - 5:50 PM

प्रशिक्षु DSP के गनमैन ने खुद को मारी गोली, हालत खतरे से बाहर

17/08/2026 - 8:36 PM

ऑनलाइन सट्टा ऐप का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार; ₹2 लाख का सामान जब्त

02/08/2026 - 12:58 AM

रायपुर में स्केटिंग का महाकुंभ: CBSE पूर्व क्षेत्रीय प्रतियोगिता आज से, 290 स्कूलों के 1200 खिलाड़ी दिखाएंगे दम

30/07/2026 - 9:01 PM

एच. डी. महंत
मुख्य संपादक

Official Address :
Shop No. 2, Ground Floor, Gokul Apartment, Near Shyam Nagar Chowk, Shyam Nagar, Telibandha Raipur, Chhattisgarh – 492013

Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
UDYAM-CG-33-0000933
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
« Jul    
© 2026 The Bharat Times. Designed by Nimble Technology.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.