Close Menu
The Bharat TimesThe Bharat Times
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

263 पशुपालकों को 2 करोड़ से अधिक का केसीसी लोन, पशुपालन से बढ़ी किसानों की आय

19/08/2026 - 5:50 PM

प्रशिक्षु DSP के गनमैन ने खुद को मारी गोली, हालत खतरे से बाहर

17/08/2026 - 8:36 PM

ऑनलाइन सट्टा ऐप का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार; ₹2 लाख का सामान जब्त

02/08/2026 - 12:58 AM
Facebook X (Twitter) Instagram
Wednesday, August 19
Facebook X (Twitter) Instagram
The Bharat TimesThe Bharat Times
Demo
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश
  • राजनीति
  • मेरा शहर
The Bharat TimesThe Bharat Times
Home»छत्तीसगढ़»छत्तीसगढ़ की अरपा सहित 19 प्रमुख नदियों के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
छत्तीसगढ़ बिलासपुर

छत्तीसगढ़ की अरपा सहित 19 प्रमुख नदियों के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम

HD MAHANTBy HD MAHANT11/05/2026 - 10:00 AM
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर 11 मई 2026 / प्रदेश की जीवनदायिनी नदियों के संरक्षण और पुनर्जीवन को लेकर महत्वपूर्ण पहल शुरू होने जा रही है। राज्य की 19 छोटी-बड़ी नदियों के उद्गम स्थलों की पहचान कर उन्हें राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। इस संबंध में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने समिति गठन की तैयारी शुरू कर दी है।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उद्गम स्थलों की खोज और राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने की तैयारी

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि प्रदेश से निकलने वाली कई नदियों के उद्गम स्थल धीरे-धीरे सूखते जा रहे हैं, जिससे नदियों का प्राकृतिक अस्तित्व खतरे में पड़ रहा है। ऐसे में इन उद्गम स्थलों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि सभी नदियों और उनके उद्गम स्थलों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया जाए, ताकि भविष्य में उन पर अतिक्रमण और अवैध कब्जों को रोका जा सके।

विशेषज्ञों को समिति में शामिल करने के निर्देश

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा गठित समिति को अपर्याप्त बताते हुए उसमें इतिहासकार, पर्यावरणविद्, तकनीकी विशेषज्ञ और स्थानीय जानकारों को शामिल करने की आवश्यकता जताई है। कोर्ट का मानना है कि केवल प्रशासनिक अधिकारियों की समिति नदी संरक्षण के उद्देश्य को पूरी तरह पूरा नहीं कर पाएगी। बताया जा रहा है कि समिति का प्रमुख कार्य नदियों के मूल स्रोतों की तलाश करना, उन्हें पुनर्जीवित करना तथा जल प्रवाह को बनाए रखने के उपाय सुझाना होगा। जिन जिलों से नदियों का उद्गम होता है, वहां के कलेक्टर समिति की निगरानी करेंगे। इसके साथ ही वन, खनिज और जिला पंचायत विभाग के अधिकारी भी सदस्य बनाए जाएंगे।

See also  सारंगढ़ क्षेत्र में जिला पंचायत सदस्य का आरक्षण : नामांकन की अंतिम तिथि 3 फरवरी

प्राकृतिक प्रवाह बनाए रखने पर जोर

याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट को बताया गया कि केवल उद्गम स्थलों को सुरक्षित करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि नदियों के प्राकृतिक प्रवाह क्षेत्र को भी संरक्षित करना जरूरी है। कई स्थानों पर अतिक्रमण और खेती के कारण जलधाराएं प्रभावित हो रही हैं। ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित कर कब्जे हटाने की आवश्यकता बताई गई है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि किसी निजी भूमि से नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है, तो शासन को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाकर नदी के अस्तित्व और प्रवाह को सुरक्षित करना होगा।

प्रदेश की प्रमुख नदियां होंगी संरक्षित

जानकारी के अनुसार बिलासपुर से बहने वाली अरपा नदी सहित महानदी, शिवनाथ, हसदेव, तांदुला, पैरी, केलो, मांड व अन्य प्रदेश की 19 नदियों के संरक्षण एवं संवर्धन की योजना पर कार्य किया जाएगा। सरकार ने आश्वासन दिया है कि नई समिति के माध्यम से नदियों के स्रोतों की पहचान, संरक्षण और पुनर्जीवन की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

जनप्रतिनिधियों की भागीदारी पर भी सवाल

सुनवाई के दौरान यह मुद्दा भी उठा कि प्रस्तावित समिति में आम जनता या जनप्रतिनिधियों की भागीदारी नहीं रखी गई है। याचिकाकर्ताओं ने मांग की कि स्थानीय समुदायों और जनप्रतिनिधियों को भी समिति में स्थान दिया जाए, क्योंकि नदी संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामाजिक सहभागिता का विषय भी है।

WhatsApp पर शेयर करें
HD MAHANT
Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

Related Posts

263 पशुपालकों को 2 करोड़ से अधिक का केसीसी लोन, पशुपालन से बढ़ी किसानों की आय

19/08/2026 - 5:50 PM

प्रशिक्षु DSP के गनमैन ने खुद को मारी गोली, हालत खतरे से बाहर

17/08/2026 - 8:36 PM

ऑनलाइन सट्टा ऐप का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार; ₹2 लाख का सामान जब्त

02/08/2026 - 12:58 AM

रायपुर में स्केटिंग का महाकुंभ: CBSE पूर्व क्षेत्रीय प्रतियोगिता आज से, 290 स्कूलों के 1200 खिलाड़ी दिखाएंगे दम

30/07/2026 - 9:01 PM

40 साल से नहीं टूटा एक वादा! बिलासपुर के चुट्टू अवस्थी बने छत्तीसगढ़ के असली ‘संजू बाबा’

29/07/2026 - 11:52 AM

शोकाकुल परिवार के बीच पहुंचे डॉ. ललित मानिकपुरी, निभाया सामाजिक दायित्व

27/07/2026 - 1:25 AM

Comments are closed.

पोस्ट

263 पशुपालकों को 2 करोड़ से अधिक का केसीसी लोन, पशुपालन से बढ़ी किसानों की आय

19/08/2026 - 5:50 PM

प्रशिक्षु DSP के गनमैन ने खुद को मारी गोली, हालत खतरे से बाहर

17/08/2026 - 8:36 PM

ऑनलाइन सट्टा ऐप का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार; ₹2 लाख का सामान जब्त

02/08/2026 - 12:58 AM

रायपुर में स्केटिंग का महाकुंभ: CBSE पूर्व क्षेत्रीय प्रतियोगिता आज से, 290 स्कूलों के 1200 खिलाड़ी दिखाएंगे दम

30/07/2026 - 9:01 PM

एच. डी. महंत
मुख्य संपादक

Official Address :
Shop No. 2, Ground Floor, Gokul Apartment, Near Shyam Nagar Chowk, Shyam Nagar, Telibandha Raipur, Chhattisgarh – 492013

Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
UDYAM-CG-33-0000933
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
« Jul    
© 2026 The Bharat Times. Designed by Nimble Technology.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.