दुर्ग 14 जून 2026/ दोस्ती के नाम पर पहचान और दस्तावेज लेकर महंगे मोबाइल, एसी और इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस कराना, फिर किस्तें बंद कर पूरा बोझ दूसरे के सिर छोड़ देना… दुर्ग में ऐसा ही एक चौंकाने वाला फाइनेंस फ्रॉड सामने आया है। सुपेला पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
थाना सुपेला में दर्ज शिकायत के अनुसार प्रार्थी को उसके परिचित शेखर देशमुख ने अपने साथी अनुराग देशमुख के साथ अंश मोबाइल, आकाशगंगा सुपेला ले जाकर उसके नाम पर बजाज फाइनेंस से एप्पल आईफोन फाइनेंस कराया और मोबाइल लेकर चला गया। इसके बाद आरोपी ने प्रार्थी के नाम पर अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों से मोबाइल, एसी, एलईडी टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान भी फाइनेंस करा लिए।
शुरुआत में आरोपियों ने कुछ महीनों तक किस्तों की राशि जमा कर संदेह नहीं होने दिया, लेकिन बाद में किस्तें जमा करना बंद कर दिया। इसके चलते फाइनेंस की ईएमआई सीधे प्रार्थी के बैंक खाते से कटने लगी। इतना ही नहीं, विभिन्न फाइनेंस कंपनियों का 1,73,513 रुपये बकाया हो गया, जबकि प्रार्थी के खाते से 16 हजार रुपये भी कट गए। खुद को ठगा महसूस करने के बाद पीड़ित ने सुपेला थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले की जांच कर अपराध क्रमांक 833/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) एवं 61(2) के तहत मामला दर्ज किया। विवेचना में आरोपी शेखर देशमुख (26 वर्ष), निवासी केलाबाड़ी, थाना पद्मनाभपुर, जिला दुर्ग की भूमिका सामने आने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के कहने पर अपने नाम, आधार, दस्तावेज या बैंकिंग जानकारी का उपयोग फाइनेंस कराने के लिए कभी न करने दें। गौरतलब है कि एक छोटी-सी लापरवाही आपको लाखों रुपये के कर्ज और कानूनी मुसीबत में धकेल सकती है।






