धमतरी 14 जून 2026/ अपराध की दुनिया छोड़कर ईमानदारी की राह चुनने वालों के लिए धमतरी पुलिस ने ऐसा फैसला लिया है, जो सिर्फ सजा नहीं बल्कि सुधार की मिसाल भी बन गया है। 12 वर्षों से अपराध से दूर रहकर सामान्य और सम्मानजनक जीवन जी रहे एक निगरानी बदमाश को अब पुलिस ने “माफी बदमाश” की श्रेणी में शामिल करने की अनुमति दे दी है। यह फैसला पुलिस अधीक्षक धमतरी के उस संदेश को मजबूत करता है कि जो व्यक्ति अपराध का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहता है, उसे सुधार का अवसर जरूर मिलेगा।
धमतरी पुलिस द्वारा 14 जून 2026 को जारी जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार ने जिले के सभी निगरानी और गुंडा बदमाशों को स्पष्ट हिदायत दी है कि चोरी, उठाईगिरी, नकबजनी या अन्य अपराधों में शामिल रहे ऐसे व्यक्ति, जो पिछले पांच वर्षों से किसी भी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त नहीं हैं और सामाजिक जीवन अपना चुके हैं, उन्हें “माफी बदमाश” श्रेणी में शामिल किए जाने पर विचार किया जाएगा।
इसी प्रक्रिया के तहत थाना सिटी कोतवाली धमतरी के निगरानी बदमाश अंकित कौशिक, पिता स्वर्गीय गोपाल कौशिक, उम्र 39 वर्ष, निवासी महिमा सागर वार्ड, धमतरी का रिकॉर्ड खंगाला गया। जांच में सामने आया कि वर्ष 2014 से अब तक वह किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं पाया गया और सामान्य नागरिक की तरह जीवन व्यतीत कर रहा है। थाना प्रभारी सिटी कोतवाली की रिपोर्ट और नगर पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा के बाद एसपी श्री सूरज सिंह परिहार ने उसे “माफी बदमाश ‘अ’ वर्ग” में शामिल करने की अनुमति प्रदान कर दी।

धमतरी पुलिस का मानना है कि कानून का उद्देश्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि उनमें सुधार की भावना विकसित कर उन्हें समाज से जोड़ना भी है। बहरहाल, यह फैसला उन लोगों के लिए साफ संदेश है कि अपराध छोड़ने वालों के लिए कानून के दरवाजे बंद नहीं, बल्कि सुधार की राह हमेशा खुली रहती है।





