सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर 15 जून 2026/ नगर निगम सीमा क्षेत्र में अब व्यापारिक गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए नया ट्रेड लाइसेंस नियम लागू किया जा रहा है। इसके तहत गुमटी, कच्ची दुकान, ठेला-खोमचा संचालकों के साथ-साथ वाहन के माध्यम से व्यापार करने वाले व्यवसायियों को भी ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। निगम प्रशासन ने सड़क की चौड़ाई, बाजार की स्थिति और व्यापार के स्वरूप के आधार पर शुल्क निर्धारण की नई व्यवस्था लागू की है। नए नियमों के अनुसार ट्रेड लाइसेंस शुल्क में प्रत्येक दो वर्ष में पांच प्रतिशत की वृद्धि होगी। वहीं लाइसेंस का समय पर नवीनीकरण नहीं कराने वालों को अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ेगा। निगम का कहना है कि इस व्यवस्था से सभी प्रकार के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को एक समान दायरे में लाया जा सकेगा तथा राजस्व संग्रह में भी पारदर्शिता आएगी।
सड़क की स्थिति के अनुसार तय होगा शुल्क
निगम द्वारा तय की गई नई दरों में सड़क की चौड़ाई और स्थान को आधार बनाया गया है। गली, मोहल्ले और मुख्य मार्गों पर स्थित गुमटी एवं अस्थायी दुकानों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए गए हैं। गली में स्थित गुमटी के लिए 4 रुपये प्रति वर्गफुट वार्षिक शुल्क। गली से बाहर स्थित दुकानों के लिए 5 रुपये प्रति वर्गफुट। मुख्य मार्ग पर संचालित गुमटी एवं दुकानों के लिए 6 रुपये प्रति वर्गफुट शुल्क देना होगा। इसी प्रकार बाजार, मोहल्ला और कॉलोनी क्षेत्र के लिए भी अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं।
वाहन में व्यापार करने वालों पर भी लागू होगा नियम
नगर निगम ने पहली बार चलित व्यापार (मोबाइल ट्रेड) को भी नियमों के दायरे में शामिल किया है। मिनी ट्रक, पिकअप, वैन, जीप अथवा अन्य चारपहिया वाहनों से व्यापार करने वालों को वार्षिक शुल्क जमा कर पंजीयन कराना होगा।
* नगर निगम क्षेत्र में चारपहिया वाहन से व्यापार पर 400 रुपये वार्षिक शुल्क।
* नगर पालिका क्षेत्र में 300 रुपये।
* नगर पंचायत क्षेत्र में 200 रुपये।
* ऑटो रिक्शा अथवा अन्य तिपहिया वाहनों से व्यापार करने वालों के लिए अलग शुल्क निर्धारित किया गया है।
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गुमटी और कच्ची दुकानों के लिए निर्धारित शुल्क
* गुमटी और कच्ची दुकानों के लिए भी अब लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
* नगर निगम क्षेत्र में वार्षिक लाइसेंस शुल्क 250 रुपये।
* नगर पालिका क्षेत्र में 150 रुपये।
* नगर पंचायत क्षेत्र में 100 रुपये।
* इन शुल्कों में प्रत्येक वर्ष पांच प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान भी रखा गया है।
पंजीयन के बिना नहीं चलेगा व्यापार
निगम अधिकारियों के अनुसार निगम सीमा क्षेत्र में संचालित प्रत्येक व्यावसायिक इकाई का पंजीयन अनिवार्य होगा। बिना पंजीयन के संचालित व्यवसायों पर कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, केवल ट्रेड लाइसेंस प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि समय-समय पर उसका नवीनीकरण भी कराना होगा।
ऑनलाइन प्रक्रिया में आ रही दिक्कतें
जानकारी के अनुसार अप्रैल माह के बाद से ट्रेड लाइसेंस पोर्टल अपडेट की प्रक्रिया के चलते बंद है, जिसके कारण नए आवेदन और नवीनीकरण प्रभावित हो रहे हैं। निगम प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था के अनुरूप तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं और पोर्टल शुरू होते ही लंबित आवेदनों का निराकरण किया जाएगा।
उद्देश्य: व्यापार का व्यवस्थित संचालन
नगर निगम का मानना है कि नई ट्रेड लाइसेंस व्यवस्था से शहर में संचालित छोटे-बड़े सभी व्यवसायों का रिकॉर्ड तैयार होगा, अनियमित व्यापारिक गतिविधियों पर नियंत्रण मिलेगा तथा शहरी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी। साथ ही निगम को राजस्व वृद्धि का भी लाभ प्राप्त होगा, जिससे नागरिक सुविधाओं के विकास कार्यों को गति मिल सकेगी।





