बिलासपुर 20जून 2026/ जिले में सर्पदंश से हुई मौतों के नाम पर सरकारी मुआवजे की राशि हड़पने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। प्रशासन की सख्ती के बाद अब पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बिलासपुर अनुभाग में सर्पदंश और जहरीले जीवों के काटने से हुई मौतों से संबंधित 15 मामलों में प्रथम दृष्टया अनियमितताएं पाई गई हैं। इन फर्जी दावों के जरिए आरोपियों ने शासन की सहायता राशि का दुरुपयोग किया।
तोरवा थाने में दर्ज हुई एफआईआर
तहसील कार्यालय की जांच रिपोर्ट के आधार पर, तोरवा थाना पुलिस ने ग्राम महमंद के दो अलग-अलग मामलों में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की है: पहला मामला: संतोष कुमार सूर्यवंशी द्वारा अपनी पत्नी लता सूर्यवंशी की मृत्यु को सर्पदंश से होना बताकर अनुचित रूप से सहायता राशि प्राप्त की गई।
दूसरा मामला: सफीना बानो पति स्वर्गीय निषार खां द्वारा अपने पति की मृत्यु को सर्पदंश का मामला बताकर सरकारी राशि हासिल की गई। इन दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ धारा 420 और 34 के तहत केस दर्ज किया गया है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
राजस्व विभाग की जांच में सामने आया कि आवेदकों ने मृत्यु के वास्तविक कारणों को छिपाकर छलपूर्वक चार-चार लाख रुपये की सरकारी सहायता राशि प्राप्त की थी। तहसीलदार कार्यालय ने इस रिपोर्ट को पुलिस को सौंपकर कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की थी। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि सरकारी सहायता का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही पहुँचना चाहिए। फर्जी तरीके से राशि हड़पने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा और शेष मामलों में भी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।





