दुर्ग 9 जुलाई 2026/ पारिवारिक परेशानियां दूर करने का भरोसा, शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच और फिर 85 लाख रुपये की ठगी। करीब दो साल तक भरोसे का खेल खेलने वाले आरोपी को आखिरकार दुर्ग पुलिस ने इंदौर से गिरफ्तार कर लिया। अब उसके बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी गहन जांच की जा रही है।
दुर्ग जिले के भिलाई नगर थाना में दर्ज मामले के अनुसार, वर्ष 2023 में रायपुर में आयोजित एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान प्रार्थिया की मुलाकात पवन बधोरिया (43) से हुई थी। आरोपी ने पारिवारिक समस्याओं का पूजा-पाठ के जरिए समाधान कराने का दावा किया और बाद में शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर अधिक लाभ दिलाने का भरोसा भी दिलाया। इसी विश्वास में प्रार्थिया ने अलग-अलग किस्तों में करीब 85 लाख रुपये आरोपी को दे दिए। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूजा-पाठ, निजी खर्च और निवेश के नाम पर यह रकम हासिल की।
समय बीतने के बाद जब न तो कोई लाभ मिला और न ही रकम वापस हुई, तब प्रार्थिया ने अपने पैसे लौटाने की मांग की। आरोप है कि आरोपी ने पहले नौकरी दिलाने का झूठा आश्वासन दिया और बाद में जान से मारने की धमकी देकर रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया। जांच में डरा-धमकाकर अवैध वसूली के तथ्य सामने आने पर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(3) भी जोड़ी गई। थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 343/2026 के तहत धारा 318(4), 351(3) और 308(3) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
आरोपी की तलाश में गठित पुलिस टीम तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इंदौर पहुंची और वहां से पवन बधोरिया को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। उसके कब्जे से बैंक खाते से लिंक मोबाइल फोन और आधार कार्ड जब्त किया गया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है।
फिलहाल, यह मामला दिखाता है कि पूजा-पाठ, तंत्र-मंत्र, शेयर ट्रेडिंग या रकम दोगुनी करने जैसे प्रलोभनों के नाम पर होने वाली आर्थिक ठगी लगातार बढ़ रही है। दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना सत्यापन किसी भी व्यक्ति या संस्था को बड़ी धनराशि न दें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।





