गजानंद दास को मिली प्रखंड अध्यक्ष की जिम्मेदारी, संत कबीर के समरसता और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प
छत्तीसगढ़/बसना 2 जुलाई 2026/ जब समाज एकजुट होता है, तभी विकास की नई राहें खुलती हैं। इसी विश्वास और सामाजिक समरसता के संकल्प के साथ बसना विकासखंड के ग्राम गदहाभांठा में पूज्य मानिकपुरी पनका समाज प्रखंड बसना की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जहां सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन कर संगठन को और अधिक सशक्त, सक्रिय एवं समाजहित के लिए समर्पित बनाने का संकल्प लिया गया। बैठक का शुभारंभ संत शिरोमणि सद्गुरु कबीर साहेब की पूजा-अर्चना एवं मंगल आरती के साथ हुआ, जिससे पूरे आयोजन का वातावरण आध्यात्मिक आस्था और सामाजिक एकता से सराबोर हो उठा।
बैठक का नेतृत्व समाज के जिला अध्यक्ष सेवकदास दिवान, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मलिनदास मानिकपुरी, सचिव आनंद दास तथा पूर्व सभापति शौकीदास ने किया। इस दौरान समाज की रीति-नीति, संगठनात्मक मजबूती, बेहतर प्रबंधन, युवा भागीदारी तथा सामाजिक विकास के विभिन्न आयामों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। आठों परिक्षेत्रों से पहुंचे प्रतिनिधियों और समाजजनों ने सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन करते हुए गजानंद दास मानिकपुरी (बरपेलाडीह) को प्रखंड अध्यक्ष चुना। वहीं गोरेलाल (लोहड़ीपुर) एवं टीकमदास (गदहाभांठा) को उपाध्यक्ष, विजय दास (आमाभौना) को सचिव, ब्रजबिहारी (कुरुचुंडी) को कोषाध्यक्ष तथा शौकीदास (बड़े ढाबा) को सभापति की जिम्मेदारी सौंपी गई। जगदीश दास (गदहाभांठा), बहादुर दास (डुमरपाली) और कृष्णकुमार दास (सराईपाली) को संरक्षक बनाया गया। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का समाजजनों ने पुष्पमालाओं से आत्मीय स्वागत कर शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सेवकदास दिवान ने कहा कि समाज का वास्तविक विकास केवल संगठन, अनुशासन और आपसी सहयोग से ही संभव है। उन्होंने संत कबीर साहेब के मानवता, समानता, भाईचारे और सामाजिक समरसता के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि आगामी समय में प्रखंड के सभी परिक्षेत्रों में संगठन का विस्तार कर समाज की एकजुटता को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से समाजहित को सर्वोपरि रखते हुए निष्ठा, पारदर्शिता और सेवा भाव से कार्य करने की अपील की।
नवनिर्वाचित प्रखंड अध्यक्ष गजानंद दास मानिकपुरी ने समाज के वरिष्ठजनों एवं सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो विश्वास और जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका पूरी ईमानदारी, समर्पण और निष्पक्षता के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक संगठन की ताकत पहुंचाना, हर परिवार के सुख-दुःख में सहभागी बनना तथा युवाओं को समाज से जोड़कर नई पीढ़ी में सामाजिक चेतना विकसित करना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सहयोग और मार्गदर्शन से मानिकपुरी पनका समाज प्रखंड बसना संगठन, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और विकास के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।
बैठक में पदुमदास, महेश दास, गुणसागर, संजय दास, प्रकाश दास, घसिया दास, डिगाम्बर दास, धर्मेंद्र, बलराम, महादेव, संतकुमार, देवालदास, संतोष, सहनीदास, वृंदादास, प्रेमदास, कुममतदास, मेमलाल, गुरविन्द, मनोहर, दयादास, नोहर दास, कयादास, भगतराम, दरशराम, गौरीशंकर, देशराज दास सहित बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, युवा और महिलाएं उपस्थित रहीं।
गौरतलब है कि किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसका संगठित स्वरूप और सामूहिक नेतृत्व होता है। बसना में गठित मानिकपुरी पनका समाज की नई कार्यकारिणी केवल पदों का बंटवारा नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सेवा, समरसता और संत कबीर साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की नई शुरुआत का मजबूत संकल्प है।











