नई दिल्ली: असम में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान राहुल गांधी और उनके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज होने के दो दिन बाद ये केस सीआईडी को ट्रांसफर कर दिया गया है. बता दें कि गुवाहाटी में भारत जोड़ो न्याय यात्रा को प्रवेश न करने देने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वेरिकेड तोड़ दिए थे, जिसके बाद पुलिस से उनकी झड़प हो गई थी. इस मामले में सीएम हिमंता सरमा ने राज्य पुलिस महानिदेशक जी पी सिंह को अवरोधक तोड़ने के लिए भीड़ को उकसाने को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था. अब इस मामले को दो दिन बाद CID को ट्रांसफर कर दिया गया है.
राहुल गांधी का केस CID को ट्रांसफर
असम पुलिस चीफ जीपी सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ” मामले को “एसआईटी के माध्यम से गहन जांच” के लिए सीआईडी को ट्रांसफर कर दिया गया है. राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं पर IPC की 9 धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं, जिनमें दंगा, गैरकानूनी सभा और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं शामिल हैं.
पुलिस और कार्यकर्ताओं में हुई थी झड़प
राहुल गांधी की यात्रा में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मंगलवार को गुवाहाटी बॉर्डर पर पुलिस के साथ झड़प हो गई थी. हिमंता सरकार ने ट्रैफिक का हवाला देते हुए उनकी यात्रा को गुवाहाटी की प्रमुख सड़कों पर जाने की परमिशन नहीं दी थी. वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनुमति न देने के कारणों को बेतुका बताते हुए शहर में घुसने की कोशिश की थी.
हिमंता सरमा और राहुल गांधी के बीच नोंकझोंक
राहुल गांधी और उनके कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने शहर के बॉर्डर पर बड़ी फोर्स तैनात की थी. करीब 5,000 कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस ने भिड़ गए, जिससे बॉर्डर पर अराजक स्थिति पैदा हो गई. मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की “नक्सलवादी नीति” की वजह से बड़े स्तर पर ट्रैफिक जाम हुआ. राहुल गांधी और हिमंता सरमा के बीच तीखी नोकझोंक के बीच मामले को सीआईडी को ट्रांसफर कर दिया गया.





