बिलासपुर। आज की तेज़ रफ्तार और जिम्मेदारियों से भरी जीवनशैली में मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और असंतुलन आम समस्या बनते जा रहे हैं। ऐसे समय में राजयोग ध्यान एक प्रभावी उपाय के रूप में उभरकर सामने आ रहा है, जो व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और सकारात्मक सोच की ओर ले जाता है।
बिलासपुर स्थित टेलीफोन एक्सचेंज रोड, राजयोग भवन में आयोजित एक विशेष सत्र में ईश्वरीय विश्वविद्यालय की संचालिका बीके स्वाती ने कहा कि वर्तमान समय में व्यक्ति बाहरी उपलब्धियों की दौड़ में भीतर की शांति खोता जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजयोग ध्यान केवल एक साधना नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने की एक जीवनशैली है। उन्होंने बताया कि राजयोग मन को स्थिर करने, विचारों को सकारात्मक दिशा देने और आत्मिक शक्ति को जाग्रत करने का माध्यम है। इसके नियमित अभ्यास से क्रोध, चिंता, भय और तनाव जैसे नकारात्मक भावों में कमी आती है तथा व्यक्ति के निर्णय लेने की क्षमता में भी सुधार होता है। बीके स्वाति दीदी ने यह भी कहा कि परिवारिक जिम्मेदारियों के बीच स्वयं के लिए समय निकालना अत्यंत आवश्यक है। कुछ समय का शांत चिंतन और आत्म-स्मृति व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाता है और जीवन में संतुलन स्थापित करता है। कार्यक्रम में उपस्थित साधकों ने भी अनुभव साझा करते हुए बताया कि राजयोग ध्यान से उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए हैं और मानसिक शांति की अनुभूति बढ़ी है। इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि यदि व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय आत्मिक अभ्यास के लिए निकाले, तो वह तनावमुक्त, स्वस्थ और अधिक संतुलित जीवन जी सकता है।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.




