बिलासपुर 6 मई 2026/ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में शुमार शहर का व्यापार विहार मंडी आज भी बदहाली की तस्वीर पेश कर रही है। वर्ष 2000 में स्थापित इस मंडी में रोजाना करोड़ों रुपये का कारोबार होता है, लेकिन 25 साल बाद भी यहां बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह विकसित नहीं हो सकीं। टूटी सड़कें, उफनती नालियां और खुले चेंबर यहां के व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए गंभीर समस्या बने हुए हैं। मंडी परिसर में जगह-जगह गंदगी और जलभराव की स्थिति है। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण पानी सड़कों पर फैल जाता है, जिससे दुर्गंध और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। खुले चेंबर दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं, जबकि बारिश के दिनों में हालात और भी भयावह हो जाते हैं,सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं।
व्यापारियों की पीड़ा
व्यापार विहार व्यापारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि वर्षों से समस्या जस की तस बनी हुई है। कई बार प्रशासन को ज्ञापन और फोटो-वीडियो के माध्यम से अवगत कराया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखती। व्यापारियों का कहना है कि यहां रोजाना हजारों लोग आते हैं, ऐसे में बुनियादी सुविधाओं का अभाव न केवल व्यापार बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी खतरा है।
ट्रांसपोर्ट जोन का अधूरा उपयोग
मंडी विस्तार के लिए ट्रांसपोर्ट जोन की जमीन पहले ही तय कर ली गई थी, लेकिन आज तक उसका सही उपयोग नहीं हो पाया। इससे ट्रांसपोर्ट से जुड़े काम भी अव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रहे हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से दुकानों के सामने गंदा पानी जमा हो जाता है, जिससे ग्राहकों का आना भी कम हो रहा है।
अधूरा बाजार, अधूरी सुविधाएं
हजारों व्यापारी और ट्रांसपोर्टर यहां रोजाना कारोबार करते हैं, लेकिन सड़क, नाली, लाइट और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं अब भी अधूरी हैं। कई जगहों पर नालियां जर्जर हैं, चेंबर टूटे हुए हैं और नियमित सफाई का अभाव साफ दिखाई देता है।
कर और टैक्स बढ़े, सुविधाएं शून्य
व्यापारियों का आरोप है कि समय-समय पर टैक्स और शुल्क बढ़ाए जाते हैं, लेकिन उसके अनुपात में सुविधाएं नहीं दी जा रहीं। उनका कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
प्रशासन का आश्वासन
प्रशासन की ओर से सड़क, नाली और जल निकासी सुधार के लिए योजना बनाने और कार्य शुरू करने की बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि बजट स्वीकृत होते ही कार्यों में तेजी लाई जाएगी। व्यापार विहार मंडी शहर की आर्थिक धुरी है, लेकिन इसकी वर्तमान स्थिति चिंता का विषय है। करोड़ों के कारोबार के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी यह सवाल खड़ा करती है कि विकास के दावों का वास्तविक लाभ जमीनी स्तर तक कब पहुंचेगा। अब जरूरत है त्वरित और ठोस कार्रवाई की, ताकि यह मंडी अपनी वास्तविक क्षमता के अनुरूप विकसित हो सके।







