दंतेवाड़ा 1 सितंबर (2026) आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दंतेवाड़ा के पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) सुभाष गंजीर को विशेष अदालत ने बड़ा झटका दिया है। विशेष प्रधान सत्र न्यायाधीश की अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए उन्हें चार वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
यह मामला वर्ष 2017 का है, जब एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष गंजीर के ठिकानों पर छापेमारी कर आय से अधिक संपत्ति का खुलासा किया था। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया था।
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष प्रधान सत्र न्यायाधीश ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) एवं 13(2) के तहत सुभाष गंजीर को दोषी माना। अदालत ने उन्हें चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाने के साथ 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इस बहुचर्चित मामले में सरकारी अधिवक्ता ममता शर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की। अदालत के इस फैसले को भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। वर्षों से लंबित इस प्रकरण में आए फैसले से स्पष्ट संकेत मिला है कि आय से अधिक संपत्ति के मामलों में दोष सिद्ध होने पर कानून का शिकंजा आखिरकार कसता ही है।



