राजनांदगांव में फर्जी माइनिंग अफसर बनकर खुलेआम वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश होते ही इलाके में हड़कंप मच गया, जहां स्विफ्ट कार में घूम रहे तीन आरोपियों ने ट्रांसपोर्टर को अवैध खनन के नाम पर डराया, बदनाम करने की धमकी दी और ऑनलाइन रकम ऐंठ ली, लेकिन डोंगरगांव पुलिस ने कुछ ही घंटों में पूरी गैंग को दबोच लिया। थाना डोंगरगांव में 7 मई 2026 को ग्राम दर्री निवासी ट्रांसपोर्टर रामसिंह राजपूत पिता डेरा सिंह राजपूत ने शिकायत दर्ज कराई कि वह ट्रांसपोर्टिंग और जेसीबी कार्य का व्यवसाय करता है तथा ग्राम आमगांव में किसान यशवंत साहू के खेत में मिट्टी समतलीकरण और खेत मरम्मत का काम चल रहा था। दोपहर करीब 2 बजकर 58 मिनट पर स्विफ्ट कार क्रमांक CG 04 PN 1413 में सवार रवि शर्मा, रेहाना बेगम और शेख अरमान मौके पर पहुंचे। तीनों ने खुद को माइनिंग विभाग का अधिकारी बताया और खेत में चल रहे काम को अवैध खनन बताकर कार्रवाई करने की धमकी दी। आरोपियों ने प्रार्थी रामसिंह राजपूत और उसके ड्राइवर तनुज कुमार को इस कदर डराया कि बदनामी और कार्रवाई के भय से उन्हें 10 हजार रुपये देने के लिए मजबूर होना पड़ा। दबाव में आकर प्रार्थी ने आरोपी के मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन 6 हजार रुपये ट्रांसफर भी कर दिए। घटना की जानकारी मिलते ही थाना डोंगरगांव पुलिस तुरंत एक्टिव हुई और पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर तथा नगर पुलिस अधीक्षक मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में टीम ने कुमरदा पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी कर स्विफ्ट कार सहित तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में रेहाना बेगम ने खुद को पत्रकार बताया, लेकिन पुलिस जांच में पूरा मामला फर्जी वसूली का निकला। थाना डोंगरगांव पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 204, 308(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया और न्यायिक रिमांड पर अदालत में पेश किया गया। इस कार्रवाई में प्रशिक्षु आईपीएस आदित्य कुमार, निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, उप निरीक्षक पुष्पराज साहू, सहायक उप निरीक्षक अनिल यादव, आरक्षक हेमंत सूर्यवंशी, बीसराम वर्मा, महिला आरक्षक अभिलाषा सिंह और राजकुमारी रत्नाकर की भूमिका अहम रही। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को शासकीय अधिकारी बताकर धमकी दे या अवैध वसूली करे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। बहरहाल, डोंगरगांव पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि सरकारी अफसर बनकर लोगों को डराने और पैसा वसूलने वालों की अब खैर नहीं, कानून का शिकंजा हर फर्जी चेहरे तक पहुंच रहा है।






